ग्राम प्रधान और सचिव संयुक्त रुप से हस्ताक्षर युक्त पत्र।- सोशल मीडिया।
जमालपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित की गई ग्राम पंचायतों के प्रमाणपत्र अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। जमालपुर ब्लॉक की गोगहरा और बहुआर ग्राम पंचायतों के ओडीएफ प्रमाणपत्रों पर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के कथित फर्जी हस्ताक्षर मिलने का मामला सामने आया है।
क्षेत्र की 99 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने के लिए स्वच्छता मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च किए गए थे। दावा था कि सभी पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो गई हैं, लेकिन अब जारी प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
गोगहरा ग्राम पंचायत के ओडीएफ प्रमाणपत्र का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधान और सचिव ने उस पर किए गए हस्ताक्षरों को अपना मानने से मना कर दिया।
मामला सामने आने के बाद बहुआर ग्राम पंचायत के प्रमाणपत्र में भी इसी तरह के कथित फर्जी हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई। सूत्रों का कहना है कि उस समय शासन स्तर से लक्ष्य पूरा करने का दबाव था। आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किए बिना ही उन्हें ओडीएफ घोषित कर प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। इससे पूरे अभियान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।