कछवां के आही गांव में गुलाब फूल के खेत में कंकाल मिलने के बाद रोते परिजन। स्रोत- संवाद
रात में सोते समय हुई थी लापता, किसी जानवर के ले जाने की जताई गई थी आशंका
कछवां। थाना क्षेत्र के आही गांव में शनिवार सुबह गुलाब के खेत में लापता आठ महीने की बच्ची करिश्मा का कंकाल मिला। खेत में खोपड़ी और हड्डियों के अंश मिले। जानकारी होने पर बच्ची के पिता अकबर ने कंकाल की शिनाख्त अपनी बेटी करिश्मा के रूप में की। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी।
आही गांव निवासी अकबर की बेटी करिश्मा बुधवार रात सोते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। बच्ची के घर से गायब होने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। घर के पास अज्ञात जानवर के पंजों के निशान मिलने पर परिजनों ने आशंका जताई थी कि किसी जंगली जानवर द्वारा बच्ची को उठा ले जाया गया होगा। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से बच्ची की तलाश की जा रही थी। शनिवार सुबह आठ बजे गांव के ही लालमन पटेल के गुलाब के खेत में घास काटने जा रही महिलाओं की नजर खेत में पड़े कंकाल पर पड़ी। महिलाओं ने सूचना तत्काल ग्रामीणों और बच्ची के परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही अकबर मौके पर पहुंचे और कंकाल को बेटी करिश्मा का बताया। कंकाल घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर लालमन पटेल के खेत में मिला। फॉरेसिंक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।
खेत के मालिक लालमन पटेल ने बताया कि खेत में प्रतिदिन फूल तोड़ने के लिए लोग आते हैं। इसके अलावा घास भी काटी जाती है, लेकिन शनिवार को पहली बार कंकाल दिखाई दिया। कंकाल मिलने की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। थानाध्यक्ष अमरजीत चौहान ने बताया कि खेत में कंकाल मिला है। फॉरेंसिक टीम ने जांच की है। डीएनए जांच कराई जाएगी, जिससे बालिका के कंकाल की पुष्टि हो सकेगी।