मिर्जापुर में भू माफियाओं ने रेलवे ट्रैक पर अवैध कब्जा कर लिए हैं। इसकी शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र जांच के आदेश दे दिए हैं। निर्देश के क्रम में बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने विंध्याचल के शिवपुर में स्थित भूमि पर कब्जे की जांच शुरू कर दी।
मिर्जापुर की पहाड़ियों से निकलने वाले बलुआ पत्थर देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं। मिर्जापुर के पत्थरों का परिवहन पहले मालगाड़ी से हुआ करता था। इसके लिए विंध्याचल में शिवपुर के समीप और अकोढ़ी में पहाड़ों तक रेल लाइन बिछाई गई थी। ट्रेन सीधे पहाड़ी तक जाती थी जहां उनमें पत्थर लादा जाता था और उनका परिवहन होता था। कालांतर में विंध्याचल के शिवपुर और अकोढ़ी का यह रेल ट्रैक बंद हो गया। ऐसे में भू माफियाओं की नजर इस रेलवे ट्रैक पर पड़ी। 26 बीघा जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया।
रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल रास्ते के रूप में किया जाने लगा। इतना ही नहीं नगर से सटे जमीन होने की वजह से यहां प्लाटिंग शुरू कर दी गई है। जब इसकी शिकायत मंडलायुक्त के पास पहुंची तो उन्होंने इसके जांच के आदेश दे दिए। बुधवार को अधिकारियों ने जमीन की जांच व चिह्नांकन इत्यादि किया। दो दिन पहले कमिश्नर ने चंदईपुर स्थित स्टेडियम पर कब्जे को लेकर नाराजगी जताई थी और जांच के आदेश दिए थे। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ शुरू हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से भू माफियाओं में हड़कंप की स्थिति है।