स्थानीय जंक्शन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होना बना चुनावी मुद्दा बन गया है। दिल्ली- हावड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित चुनार जंक्शन से होकर तमाम सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें विभिन्न राज्यों के लिए आती जाती है। लेकिन उनका ठहराव जंक्शन पर न होने से विधान सभा क्षेत्र के लोगों को बेहतर यात्री सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चुनार विधान सभा क्षेत्र के लोग मिर्जापुर, मुगलसराय या फिर वाराणसी जाकर महत्वपूर्ण ट्रेनों को पकड़कर दिल्ली, मुंबई, हावड़ा या अन्य राज्यों की यात्रा करने को विवश हैं। जबकि जंक्शन से सटे इलाके में नगर की निर्मित मूर्ति के तमाम छोटे बड़े कारखाने, पर्यटन एवं धार्मिक स्थल चुनार का प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग, दुर्गा खोह मंदिर, हजरत बाबा कासिम सुलेमानी की दरगाह व वैष्णवजनों का प्रमुख तीर्थ स्थल चरणाटधाम के साथ ही इस्पात व सीमेंट आदि की छोटी बड़ी फैक्ट्रियां भी मौजूद है। इसके साथ ही जंक्शन से दक्षिणांचल को जाने के लिए ब्रांच लाइन भी जुड़ी हुई है। बावजूद इसके महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होना इस पिछड़े विधान सभा क्षेत्र जैसा महसूस होता है। मतदाताओं का कहना है कि जंक्शन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव न होना इस बार चुनावी मुद्दा बनेगा।