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नोडल अधिकारी ने चार को जारी किया कारण बताओ नोटिस

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मिर्जापुर। जिले में धान की खरीद की बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व व खरीद अधिकारी शिवप्रताप शुक्ल ने समीक्षा की।
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अमर उजाला ने अपने बृहस्पतिवार के अंक में पृष्ठ संख्या चार पर बार-बार दौड़ने के बाद भी नहीं हो रही खरीद शीर्षक से किसानों की समस्या को प्रकाशित किया था। इसपर जिला खरीद अधिकारी ने समीक्षा की और मिलों को प्रेषण तथा कृषकों के ख़राब भुगतान की स्थिति को लेकर जिला प्रबंधक पीसीएफ धीरेंद्र सिंह, सचिव मंडी समिति दिलीप सिंह, जिला प्रभारी पीसीयू राजेश कुमार तथा नैफेड प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बृहस्पतिवार को धान खरीद की दैनिक समीक्षा में पाया गया कि नैफेड एवं मंडी समिति द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष अबतक मात्र 3.46 तथा 5.75 प्रतिशत की खरीद की गई है। जो जिले के औसत 10.84 प्रतिशत से बहुत कम है। केंद्रों पर खरीदे गए धान का मिलों को प्रेषण की दृष्टि से पीसीएफ की स्थिति सबसे ख़राब है। अबतक मात्र 21.43 प्रतिशत धान की उठान कराया गया है। पीसीएफ संचालित केंद्रों पर अभी भी सात हजार आठ सौ से ज्यादा एमटी धान शेष है, जो जनपद की कुल खरीद के एक तिहाई से भी अधिक है। इसके कारण समितियों पर धान भंडारण की समस्या है। पीसीएफ की ऱ से खराब उठान के कारण जनपद में उठान का औसत 44.63 प्रतिशत पर है। भुगतान की दृष्टि से सबसे ख़राब स्थिति नैफेड की 8.94 प्रतिशत तथा पीसीयू की 48.57 प्रतिशत है। जनपद की कुल खरीद के सापेक्ष अबतक 58.23प्र तिशत का भुगतान कर दिया गया है। इन संस्था प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस के साथ-साथ इनके मुख्यालय और शासन को अपेक्षित कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया जा रहा है। अबतक चार हजार छह सौ 15 किसानों से कुल 23947.90 एमटी की खरीद हुई है, जो पिछले वर्ष आज की तिथि में 22 हजार आठ सौ 89.62 एमटी से अधिक है।
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नवीन मंडी क्रय केंद्र का निरीक्षण किया
मिर्जापुर। एडीएम वित्त एवं राजस्व शिवप्रताप शुक्ल ने बृहस्पतिवार को जंगी रोड स्थित नवीन मंडी के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सचिव मंडी समिति को परिसर में सफ़ाई के साथ पानी का छिड़काव और किसानों को बैठने के लिए पश्चिमी परिसर में एक और चांदनी लगवाकर बैठने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। किसानों से भी वार्ता कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
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