विंध्य धाम में प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र में मां के दर्शन का विशेष महत्व है। शनिवार तड़के मंगला आरती के पूर्व ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां का दर्शन पूजन करने के लिए पहुंच गए थे। भव्य मंगला आरती के उपरांत मां का कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया। मां का कपाट खुलते ही आदिशक्ति के जयघोष से पूरा विंध्य धाम परिसर गुंजायमान हो उठा।
गंगा स्नान करने के बाद आस्थावान माला फूल प्रसाद नारियल चुनरी लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने पहाड़ पर विराजमान महाकाली मां अष्टभुजी देवी और मां तारा देवी के मंदिर भी पहुंच रहे हैं। पुलिस-प्रशासन की तरफ से संपूर्ण मेला क्षेत्र में चाक-चौबंद इंतजाम कराए गए थे।
विंध्यधाम के पुरोहित भी अब नई तकनीक को अपनाते हुए हाईटेक हो रहे हैं। हाईटेक पुरोहित अपने-अपने यजमानों को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शारदीय नवरात्र पर प्रतिदिन मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए उन्हें कराया जा रहा है।
कोविड महामारी के चलते शारदीय नवरात्र में आस्थाधाम न आ पाने वाले दिल्ली, कोलकाता, बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, लखनऊ समेत आसपास के जिलों से यजमान प्रतिदिन मंगला आरती समेत अन्य आरती का बैठे बिठाए दर्शन कर रहे हैं।
विन्ध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में चरणस्पर्श पर रोक लगी है। इस पर नजर रखने के लिए दो अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने दिया है। शुक्रवार को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने मेला का निरीक्षण किया।