फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vindhyachal Dham: जयकारे से गूंजा आदिशक्ति मां विध्यवासिनी का दरबार, विंध्याचल दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

Mon, 29 Sep 2025 09:32 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।

सार

Mirzapur News: मिर्जापुर जिले में स्थित विंध्याचल मंदिर में सप्तमी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। सुबह से माता के दर्शन के लिए लोग लाइन में लगे रहे। मां के दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल हो उठे। 
विज्ञापन
विंध्याचल धाम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर सोमवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माता के जयकारे से पूरे दिन आदि शक्ति का दरबार गुंजायमान रहा।
विज्ञापन


अष्टभुजी देवी व काली खोह में विराजमान माता काली के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मां के दिव्य और भन्न स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर रहे। विंध्यवासिनों के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। भोर में मंगला भारती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा।  गंगाघाटों पर भी भीड़ रही। स्नान के बाद माता की एक झलक के लिए हर कोई उत्सुक नजर आया। त्रिकोण मार्ग पर तीनों देवियों के सुख समृद्धि की कामना की।

सप्तम कालरात्रि का पूजन अर्चन
सोमवार को मां भगवती के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा-अर्चना होगी। ज्योतिषाचार्य  डाक्टर रामलाल त्रिपाठी ने बताया देवी का यह स्वरूप अनंत एवं व्यापक है।  कालरात्रि अर्थात काल को जीतने वाली। जन्म, पालन और काल। देवी के तीन स्वरूप। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्हीं काली जी की कृपा के फल हैं।  
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; Azamgarh News: बेटी को प्रेमी के साथ देख खौला पिता का खून, दोनों को मार दी गोली; पहुंची पुलिस
विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य ने कहा एक बार शिवजी ने देवी को काली कह दिया। इस कारण उनका नाम काली पड़ गया। माता काली की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है। इस रात्रि अखंड ज्योति जलाकर काले तिलों से पूजन करने एवं जप-तप करने से मां काली प्रसन्न होती हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें