मिर्जापुर के हालिया में साहसी मां की कहानी आज सबकी जुबां पर है। रात को सोते समय हमलावर लकड़बग्घे की आहट होती है और जैसे ही वन्यजीव बेटे पर हमला करता है मां भी उस पर टूट पड़ती है। चीख पुकार सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीण लकड़बग्घे को मार देते हैं और मां बेटे को गोद में लेकर रोने लगती है। मां बेटे को अस्पताल ले जाया गया जहां दोनों का उपचार चल रहा है ।
कहते हैं कि मां से बड़ा योद्धा कोई नहीं होता। अपने बच्चे के लिए मां अपनी जान पर खेल जाती है। मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र स्थित रामपुर पौड़ी गांव में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर देखने को मिली।
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रात के दस बज रहे थे। इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक हिंसक लकड़बग्घा चुपके से आता है और घर में सोते हुए तेरह वर्षीय बालक नवी मोहम्मद को चारपाई से घसीटते हुए घर से डेढ़ सौ मीटर दूर ले जाकर जाता है इस दौरान बालक लहूलुहान हो जाता है।
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बगल में लेटी मां जयमुन निशा की नींद अचानक खुलती है और वो लकड़बग्घे पर टूट पड़ती है हमलावर जानवर मां को भी घायल कर देता है। मौके पर चीख पुकार मच जाती है और ग्रामीण लकड़बग्घे को मार देते हैं।
घायल मां अपने बच्चे को देख बिलख पड़ती है और दोनो को ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता है। दूसरी ओर वन विभाग की टीम को भी सूचना दी गई और टीम आकर मृत वन्य जीव को लेकर गई।
घटना के बाद हर कोई ऐसी मां के चर्चे कर रहा है जिसने मौत के जबड़े से लड़ाई लड़कर अपने लाल को बचाया। इस संबंध में रेंजर अवध नारायण मिश्र ने बताया कि लकड़बग्घा की मौत हो गई है। दो लोगों को घायल कर दिया है। लकड़बग्घा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।