शारदीय नवरात्र में आम श्रद्धालुओं के सुलभ व शांतिपूर्ण दर्शन के लिए जिला प्रशासन के बनाए गए नियमों की पहले ही दिन जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। सख्त निर्देश के बावजूद निकास द्वार से भक्तों को प्रवेश कराने के साथ ही गर्भगृह में दर्शन पूजन कराया गया। इतना ही नहीं मोबाइल से मनमाने तरीके से वीडियो व फोटोग्राफी हुई। आम श्रद्धालु परेशान दिखे तो वहीं मनमानी के सामने जिला प्रशासन लाचार नजर आया। किसी भी दिन यह विवाद का कारण बन सकता है।
नवरात्र के पूर्व जिला प्रशासन व पंडासमाज की संयुक्त बैठक में कड़ाई के साथ यह निर्देश जारी किया गया था कि निकास द्वार से भक्तों को प्रवेश नहीं कराया जाएगा। चरणस्पर्श पर प्रतिबंध रहेगा तथा गर्भगृह में मोबाईल फोन से वीडियो व फोटोग्राफी इत्यादि पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।
इन सारे नियमों की धज्जियां नवरात्र के पहले ही दिन उड़ाई गईं। कई दर्शनार्थियों को निकास द्वार से प्रवेश कराया गया। इतना ही नहीं गर्भगृह में प्रवेश कराकर चरणस्पर्श कराया गया। मोबाइल से फोटो व वीडियोग्राफी भी की गई। इस अव्यवस्था के चलते लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को घंटो मंदिर में प्रवेश के लिए इंतजार करना पड़ा। ऐसे में भक्तों में अव्यवस्था को लेकर जबरदस्त रोष नजर आया।