घटना 10 दिन पहले हुई थी। सराफा व्यवसायी दो भाई आभूषण की दुकान बंद कर कार से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान एक कार सवार बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस घटना के बाद से ही इनकी तलाश कर रही थी। अब मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने के बाद अरेस्ट हुए हैं।
मिर्जापुर जिले के मड़िहान में सराफा व्यवसायी से 10 दिन पहले हुई 30 लाख के लूट मामले में पुलिस ने दो आरोपियो को मुठभेड़ में गिफ्तार किया है। दोनों को गोली लगी है। दोनों का पुलिस अभिरक्षा में इलाज चल रहा है। मौके पर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक ने मामले की छानबीन की है।
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यह है पूरा मामला
मड़िहान थाना क्षेत्र के दारानगर कलवारी निवासी अजित केसरी अपने भाई अजय केसरी के साथ कलवारी चौराहा पर आभूषण की दुकान चलाते हैं। 16 जनवरी को प्रतिदिन की तरह दुकान बंद करके दोनों भाई शाम छह बजे के करीब कार से घर जाने के लिए निकले थे। कार क्षेत्र के सेमरी-खुटारी गांव के बीच नहर के पास पहुंची थी कि काले रंग की कार में सवार बदमशों ने ओवर टेक करते हुए आगे आकर सराफा व्यवसायी की गाड़ी रोक दी। कार रुकते ही बदमाश अपनी गाड़ी से उतरे और लोहे की रॉड से मारकर कार का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद बदमाश कार सवार अजित (28) और उनके भाई अजय केसरी (24) की पिटाई करने लगे।
अजय के कमर में गोली मारकर गहनों से भरा बैग छीन लिया। गोली मारने के बाद बदमाश बेखौफ होकर कार में सवार हुए और फरार हो गए। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी रही। पुलिस की टीमें बिहार और अन्य प्रदेशों में गईं। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बेला जंगल में घेराबंदी कर बाइक से जा रहे दो आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। इस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया।
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गोली से बचते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें लूटकांड के दो आरोपी रामनिवास (48) निवासी मटिहानी और धनंजय चौहान (44) निवासी अटारी के पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उनको उपचार के लिए सीएचसी में ले जाया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने पूछताछ कर घटना की जानकारी ली।