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शादी में मौत का मामला: फायरिंग में भाजपा नेता के भाई की गई थी जान, पांच असलहे जब्त हुए, वीडियो और फोटो देखेगी पुलिस

Wed, 24 Nov 2021 01:46 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
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युवक की मौत के बाद घटनास्थल पर पूछताछ करती पुलिस (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में महंत शिवाला में हिस्ट्रीशीटर अवधराज सिंह के भतीजे की शादी के दौरान हर्ष फायरिंग में भाजपा नेता के भाई की मौत के मामले में डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज की फटकार के बाद पुलिस महकमा जागा और ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान पांच असलहे जब्त किए गए, जिनके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

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साथ ही शादी में शामिल कई और लोगों को चिह्नित किया गया है, जो असलहे के साथ विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पुलिस ने शादी से जुड़ी वीडियो क्लिप और फोटो कब्जे में लेकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही है। इतना ही नहीं हर्ष फायरिंग में शामिल असलहाधारियों पर भी गाज गिरनी तय है।

कई घंटे हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मिर्जापुर जिले के कटरा कोतवाली क्षेत्र के महंत शिवाला स्थित एक लॉन में रविवार को हिस्ट्रीशीटर अवधराज सिंह के भतीजे अमरदीप सिंह का शादी समारोह चल रहा था। शादी समारोह में बड़ी संख्या में असलहाधारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में घंटों फायरिंग हुई। इसी दौरान स्टेज के करीब गोली लगने से एक युवक गिरकर तड़पने लगा।

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पेट में लगी थी गोली
उसकी पहचान भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्वी नगर अध्यक्ष आकाश गुप्ता के भाई आशीष गुप्ता के रूप में हुई। उसके पेट मे गोली लगी थी। ट्रॉमा सेंटर ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामले में दूल्हे के परिवार के साथ ही कई अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पुलिस ने मौत की वजह हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगना बताया। सोमवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, घटनाक्रम बदलता गया। तरकापुर निवासी आरोपी फारुख को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने सबकुछ एक व्यक्ति तक केंद्रित कर दिया। बाकी लोगों को छोड़ दिया गया और हर्ष फायरिंग की घटना हत्या में तब्दील हो गई।
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पुलिस विवेचना में अन्य जिम्मेदारों को शामिल करने की बात कहने लगी। हत्या में शामिल असलहा बरामद कर पुलिस मामले को खत्म करने में जुटी थी। डीआईजी ने जब कार्रवाई की समीक्षा की तो उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि हर्ष फायरिंग का मामला हो और केवल एक ही असलहा बरामद हो। उन्होंने शादी में शामिल एक-एक असलहाधारी को चिह्नित कर असलहे का जब्तीकरण और निरस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीआईजी ने कहा कि एक भी जिम्मेदार बचना नहीं चाहिए।

डीआईजी की सख्ती के बाद पुलिस ने शादी की वीडियो, फोटो के जरिए विवाह में शामिल लोगों की पहचान और उन्हें तलाशना शुरू किया। अब तक पांच असलहे जब्त किए गए हैं तो कई और चिह्नित लोगों की तलाश की जा रही है। अवैध असलहे या ऐसे किसी अन्य स्थिति में उस व्यक्ति पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से संबंधित लोगों में हड़कंप की स्थिति है।
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