डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने सीएचसी अधीक्षक गोपीगंज डॉ. आशुतोष पांडेय को जांच अधिकारी नामित कर रिपोर्ट मांगी। तीन जनवरी को अधीक्षक ने उक्त कॉलेज की जांच की। जिसमें कॉलेज किसी भी विश्वविद्यालय से मान्य नहीं मिला। डीएमएलटी के अलावा दूसरा कोई कोर्स न चलाने की बात कही गई, लेकिन जांच में फार्मासिस्ट और जीएनएम के छात्र भी मिले। लैब भी सही नहीं मिली और अग्निशमन की सुविधा भी नहीं थी।
प्रबंधन की ओर से 2018 से संचालित कॉलेज में अब तक 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को शिक्षण देने की बात कही गई, लेकिन कोई रजिस्टर नहीं दिया गया। संस्थान में प्रधानाचार्य सहित चार कर्मचारी मिले। जिन्हें ढाई से छह हजार का वेतनमान दर्शाया गया है। अधीक्षक ने बताया कि जांच में सभी 10 बिंदुओं पर कमियां मिलीं। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है।