डाककर्मी के कार्य में बाधा पहुंचाने एवं उसे जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य आरोपों में दोषी पाए गए बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया को शनिवार को सीजेएम राजेश भारद्वाज ने तीन वर्ष की सजा सुनाई।
नौ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। मंत्री को अंतरिम जमानत मिल गई।
वादी कृष्णदेव तिवारी निवासी दुबारकला, थाना लालगंज हेड पोस्ट आफिस में डाककर्मी था। 19 अक्तूबर 1995 को नगर के रतनगंज स्थित विधायक के मकान पर उनके परिवार के दिलीप कुमार के नाम से रजिस्ट्री देने के लिए डाककर्मी बार-बार उनके घर जा रहा था।
आरोप है कि इससे नाराज होकर कैलाश ने डाककर्मी को जान से मारने की धमकी देते हुए चिट्ठी का बंडल छीन लिया। इसकी शिकायत कोतवाली कटरा में की गई।
तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 353, 504, 506 के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियोजन अधिकारी हरेंद्र कुमार ने कुल दो गवाहों का परीक्षण कराया।
साक्ष्य तथा दलील के आधार पर न्यायालय ने कैलाश को धारा 353 में दो वर्ष की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 में दो वर्ष की सजा दो हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 506 में तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की गई।
इसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए 20 हजार रुपये के दो जमानत तथा उतने ही मुचलके पर मुक्त करने का आदेश दिया।