मिर्जापुर। बुधवार को महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर करवा चौथ की कथा सुनी। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से चांद का दीदार किया और पति की लंबी उम्र कामना की। इस मौके पर पति ने पत्नी को उपहार भी दिए।
नगर व ग्रामीण अंचलों में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र व सुख शांति के लिए बुधवार को करवा चौथ का व्रत रखा। नव विवाहिताओं में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने का मिला। महिलाओं ने दिन भर निर्जला उपवास रखकर चौथ माता की कहीं अकेले तो कहीं सामूहिक रूप से कथा सुनी। पति व परिवार की सुख और समृद्धि की कामना की। रात आठ बजे छलनी से चंद्रमा का दर्शन व अर्घ्य देकर अपना व्रत खोला। इस मौके पर घरों में तरह-तरह के पकवान भी बनाए गए। उधर, शेरवां क्षेत्र में बुधवार को महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रख कर सती सावित्री व सत्यवान एवं माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। पंडित आलोक त्रिपाठी ने पुराणों का हवाला देते हुए बताया कि देवी अनुसुइया के द्वारा चलाई गई कर्क चौथ को आज करवा चौथ का व्रत कहा जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से चांद व पति का चेहरा देखकर जल ग्रहण करती हैं। उन्होंने बताया कि करवा चौथ का व्रत कर सती सावित्री ने सत्यवान के प्राणों की रक्षा यमराज से की थी।