मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की बैठक 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से करा लेने का निर्देश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी खंड विकास अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक जरूरी इसलिए है कि आवश्यकताओं एवं समस्याओं का उचित आंकलन किया जा सके। क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में सम्मिलित की जाने वाली गतिविधियों का चयन क्षेत्र की ग्राम, पंचायतों की कार्ययोजना के आधार पर जिला पंचायत की गतिविधियों का चयन, जिले की क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना के आधार पर तैयार किया जाय। उन्होंने अधिशाषी अभियंता विद्युत, मुख्य चिकित्साधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, वन विभाग सहित अन्य संबंधित ग्राम स्तर पर कार्यरत विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्ययोजना को जीपीडीपी में सम्मिलित कराएं। मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर गठित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की कार्ययोजना जीपीडीपी में सम्मिलित करें। शिक्षा विभाग विद्यालय प्रबंध समिति, ग्राम विकास विभाग की ग्राम पंचायत स्तर पर गठित स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाई जाने वाली ग्राम गरीबी न्यूनीकरण योजना तथा वन विभाग की ओर से जैव विविधता रजिस्टर संबंधी गतिविधियों को भी जीपीडीपी में सम्मिलित किया जाए।
जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की ओर से ग्राम सभा की दो बैठकें कराई जाएं। ग्राम सभा की प्रथम बैठक में पिछले वर्ष के मिशन अन्त्योदय सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। कहा कि ग्राम सभा की बैठक के आयोजन के तुरन्त बाद ग्राम सभा की जीओ टैगिंग एवं फोटो अपलोड किया जायेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीडी गुप्ता, परियोजना निदेशक डीआरडीए अनय मिश्रा, जिला विकास अधिकारी साहित्य प्रकाश मिश्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दूबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद के अलावा सभी विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।