चनईपुर में स्टेडियम के लिए जमीन का निरीक्षण करते मंडलायुक्त योगेंश्वर राम मिश्र व डीएम ,सीडीओ।
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मिर्जापुर। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने सोमवार को जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के संग सिटी विकास खंड के चनईपुर में स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल मैदान की जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कूटरचित और फर्जी ढंग से जमीन हथियाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार भी मौजूद रहे।
इस दौरान राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने बताया कि वर्तमान में स्टेडियम या खेल मैदान के नाम से लगभग 36 बीधा जमीन दर्ज है। परंतु कुछ लोगों ने पूर्व में कूटरचित व फर्जी ढंग से इस जमीन को आदर्श सेवा शिक्षा सदन के नाम से पट्टा करा लिया गया था, जिसे जांच के बाद राजस्व अभिलेखों के अनुसार बाद में निरस्त कर पुन: खेल मैदान/स्टेडियम के नाम पर दर्ज कर दिया गया है। लेकिन आदर्श सेवा शिक्षा सदन के प्रधानाचार्य अरुण कुमार सिंह एवं अध्यापक अवध नारायण सिंह के द्वारा जमीन को उक्त शिक्षण संस्थान के होने का दावा कर अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है।
मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व यूपी सिंह को निर्देशित किया कि कूट रचित एवं फर्जी ढंग से जमीन कब्जा करने वालों के विरुद्ध एफआईआर कराकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। आयुक्त ने नगर मजिस्ट्रेट को यह निर्देशित किया कि संबंधित को नोटिस भेज कर 24 अगस्त 2021 को आयुक्त कार्यालय में अपने सभी अभिलेखों के साथ उपस्थित करवाना सुनिश्चित कराएं। आयुक्त के निर्देश के अनुपालन में 36 बीधा जमीन पर खेल मैदान के लिये लेवलिंग का कार्य भी कराया लिया गया है। आयुक्त ने तहसील अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत प्रथम दृष्टया यह पाया कि उक्त जमीन को फर्जी ढंग से हेरा-फेरी कराकर अपने नाम दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस जमीन पर स्टेडियम के खुलने से आस-पास के युवाओं की खेल की प्रतिभा को और गति प्रदान किया जा सकेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद थे।
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शहर से कई किलोमीटर दूर है स्टेडियम
शहर से कई किलोमीटर दूर स्टेडियम स्थापित है। वहीं उपेक्षा का शिकार भी है। दूरी होने की वजह से वहां ज्यादातर खिलाड़ी पहुंच नहीं पाते हैं। वहीं स्टेडियम में सुरक्षा और सुविधा दोनों का जबरदस्त टोटा है। स्टेडियम की दूरी और वहां सुविधाओं का अभाव होने की वजह से खिलाड़ी आस पास के भीड़ भाड़ वाले मैदान या खाली प्लाट में ही प्रशिक्षण करते हैं। यहीं कारण है कि जिले की खेल प्रतिभा स्टेडियम न होने की वजह से निखर नहीं पा रही है।