मिर्जापुर। महाकुंभ के कारण ट्रेनों में बढ़ी भीड़ के चलते पांच शनिवार को ट्रेनों को रद्द कर दिया गया तो डाउन महानंदा एक्सप्रेस के रूट में बदलाव किया गया। वहीं, कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। ऐसे में यात्री परेशान रहे। टिकट वापसी करने के लिए काउंटर पर भीड़ रही।
डॉउन महानंदा एक्सप्रेस 17 घंटा लेट तो संघमित्रा एक्सप्रेस नौ घंटा लेट से मिर्जापुर पहंची। वहीं, नेताजी एक्सप्रेस, हावड़ा बीकानेर, चंबल एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा और पुरषोत्तम एक्सप्रेस निरस्त रहीं। ब्रह्मपुत्र डॉउन का रूट डायवर्जन किया गया था। महानंदा अप तीन घंटा लेट पहुंची। इन ट्रेनाें से यात्रा करने वाले यात्री परेशान नजर आ रहे थे, कुछ यात्री अपनी ट्रेन के आने का इंतजार करते रहे। वहीं, जिन ट्रेनों का रूट डायवर्जन किया गया, उनके यात्री टिकट वापसी के लिए टिकट काउंटर पर जद्दोजहद करते नजर आ रहे थे। स्टेशन अधीक्षक रवींद्र कुमार ने बताया कि कुंभ मेला में भीड़ के प्रवाह को देखते हुए प्रयागराज में दबाव कम करने के लिए महाकुंभ स्पेशल ट्रेन को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। इसलिए कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन और कैंसिल कर दिया गया।
12 घंटे में मिर्जापुर से 34 स्पेशल ट्रेनें गुजरी
मिर्जापुर। महाकुंभ के पलट प्रवाह का दबाव शनिवार को सड़क और रेलवे पर भी दिखा। महाकुंभ स्पेशल ट्रेन के डिब्बों में यात्री पूरी तरह से भरे रहे। प्रयाग से मिर्जापुर हाईवे पर भी वाहनों की कतार लगी रही। रात 12 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक महाकुंभ स्पेशल की 20 ट्रेनें मिर्जापुर से होकर गई है। वहीं, सुबह छह बजे से लेकर 12 बजे तक 14 महाकुंभ स्पेशल ट्रेन गुजरी हैं। यह सभी ट्रेनें श्रद्धालुओं से भरी रहीं। ट्रेन में पैर तक रखने की जगह नहीं थी। ट्रेन के डिब्बे में चढ़ना उतरना मुश्किल हो गया था। भीड़ अधिक होने से महिलाएं भी ट्रेन के डिब्बे के दरवाजे पर ही बैठी दिखाई पड़ीं। उतरते चढ़ते समय यात्री के बीच धक्का-मुक्की भी होती रही।