चुनार थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव की ममता की हत्या उसके प्रेमी ने की थी। प्यार में धोखा देने पर प्रेमी ने प्लान के तहत उसको गांव के सिवान में बुलाया और धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी और उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया।
हत्याभियुक्त प्रेमी को चुनार थानाध्यक्ष तथा क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सूचना पर चुनार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी सोनभद्र जनपद के बरवाडीह गांव का निवासी है।
पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में ममता हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी अरविंद कुमार पुत्र महेंद्र कुमार तथा चुनार कोतवाली क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासिनी ममता (22) पुत्री सच्चन चुनार के राजकीय कालेज में एक साथ एमएससी कर रहे थे।
दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने पर एक दूसरे से प्रेम करने लगे थे और शादी करने का भी प्लान बनाया था। इसी बीच अरविंद को किसी ने बताया कि ममता का कई लड़कों से संबंध है। जानकारी होने पर अरविंद ने ममता से दूसरे युवकों से बातचीत करने की बात पूछी तो उनके बीच विवाद हो गया।
मनमुटाव होने पर दोनों कुछ दिनों तक एक दूसरे से दूर रहे। काफी दिनों तक ममता द्वारा कोई संपर्क नहीं करने पर अरविंद को लगा कि ममता उसे धोखा दे रही है और उसने ममता को जान से मारने का मन बना लिया। गत 12 जून की रात अरविंद ने ममता के मोबाइल पर फोन कर घर से बाहर सिवान में आखिरी बार मिलने के लिए बुलाया।
ममता घरवालों से छिपकर सिवान में अरविंद के पास पहुंची तो कुछ देर दोनों बैठकर एक दूसरे से बातचीत की। इसके बाद अरविंद ने गमछा से उसका मुंह दबा दिया और ब्लेड से उसने ममता के दोनों हाथों के कलाई की नस काट दी। इसके बाद भी ममता की मौत नहीं हुई तो उसने गले की नस काटकर गहरा जख्म कर दिया, जिससे उसकी मौत को गई। हत्या करने के बाद उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया।
इस मामले में युवती के पिता द्वारा मुकदमा दर्ज कराने पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन अरविंद मिश्रा के निर्देशन में सीओ चुनार प्रदीप वर्मा के नेतृत्व में चुनार इंस्पेक्टर अभय सिंह, क्राइम ब्रांच के प्रभारी विजय प्रताप सिंह की टीम बनाकर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए लगाया।
टीम ने सर्विलांस से हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को दबोच लिया। एसपी ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को दो हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषण की।