दी मिर्जापुर अर्बन को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा लालडिग्गी में हुए पांच करोड़ रुपये के गबन की जांच कर रही क्राइम बांच की टीम ने शुक्रवार की शाम करीब छह बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन तिराहे से बैंक के पूर्व प्रबंधक को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार मैैनेजर पर लगभग 86 लाख रुपये बैंक का गबन का आरोप है जबकि इस मामले में अभी तभी 53 आरोपी गिरफ्तार किए जाने बाकी है। ये बातें पुलिस अधीक्षक दिनेेश चंद्र ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में शनिवार की पूर्वाहन 11 बजे बताई।
एसपी ने बताया कि दी अर्बन बैंक के कर्मियों द्वारा वर्ष 2014-15 लगभग पांच करोड़ रुपये का गबन किया गया है। जिसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट से कराई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर बैंक के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की टीम ने पाया कि बैंक के सचिव समेत कुल 54 लोगों ने आरबीआई के नियमों की अनदेखी करते हुए लगभग पांच करोड़ रुपये को अपने रिश्तेदारों के नाम पर लोन देकर गबन कर लिया है। जिससे बैंक के लगभग 15 हजार खाताधारक प्रभावित हुए।
बैंक कर्मियों की लापरवाही के कारण कई खाताधारकों के बेटियों की शादी में पैसा नहीं मिलने के कारण उनको परेशानी उठानी पड़ी। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सुराग रसी शुरू कर दी।
शुक्रवार की शाम खबर मिली की नगर के सिविल लाइन के पास गबन का एक आरोपी पूर्व बैंक मैनेजर काली प्रसाद पांडेय पुत्र कैलाश नाथ पांडेय निवासी भवानीपुर थाना गोपीगंज जिला भदोही खड़ा है। जानकारी होते ही अपराध शाखा के शिवगणेश गौतम फोर्स के साथ पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ किया तो पता चला कि इसने अपनी पत्नी सुनीता पांडेय एवं माता जय देवी के नाम पर फर्जी कागजात तैयार कर 85 लाख 34 हजार 397 रुपया हड़प लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से बैंक के खातेदारों के पैसे मिलने के आसार बढ़ गए हैं।