लालगंज। बामी गांव निवासी शंभुनाथ शुक्रवार की सुबह कानपुर से चलकर अपने घर पहुंचे। परिजनों ने शंभूनाथ के घर आने पर कहा कि पहले कोरोना की जांच कराकर ही मकान के अंदर आइए और उन्होंने ग्राम प्रधान को भी सूचित किया। ग्राम प्रधान ने गांव में बने अस्थायी राहत केंद्र पर शंभूनाथ को रहने के लिए कहा। उसके बाद लहंगपुर पुलिस चौकी प्रभारी ने शंभूनाथ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज भेज कर जांच कराया और 14 दिन तक परिवार से अलग रहने का सलाह दी।
शंभूनाथ कानपुर में रहकर राजमिस्त्री का कार्य करते थे। लॉक डाउन के कारण काम बंद चल रहा था तो बुधवार की रात इंडियन आयल टैंकर से प्रयागराज पहुंचे और अखबार पहुंचाने वाले वाहन से मांडा रोड आए। मांडा रोड से बामी गांव तक 35 किलोमीटर का पैदल सफर कर घर पहुंचे थे। भूखे प्यासे शंभूनाथ को घर में आने से पहले परिजनों ने उनका कोरोना जांच कराना मुनासिब समझा और ग्राम प्रधान को सूचित कर जांच कराने का आग्रह किया। ग्राम प्रधान ने शंभूनाथ को अस्थायी राहत केंद्र पर रखने के बाद चौकी प्रभारी अनवर खां को सूचित किया। जांच में शंभूनाथ में कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला, वह पूर्ण रुप से स्वस्थ हैं।