मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के मैना गोसांई गांव में 2007 में युवक की हत्या कर शव छिपाने के मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र शेखर मिश्र ने दोषसिद्ध पाते हुए तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 27-27 हजार के अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी।
लालगंज थाना क्षेत्र निवासी अमृत लाल प्रजापति ने 29 अगस्त 2007 को तहरीर देकर बताया कि उसे तीन पुत्र हैं। राकेश कुमार प्रजापति ने रामपुर कामता प्रसाद चौराहे पर डिस्पेंसरी खोली थी। किसी बात को लेकर गांव निवासी अमरेश से विवाद हो गया। इसपर अमरेश के साथ काम करने वाले श्रीधर व महेश प्रजापति भी धमकी देते थे। 22 अगस्त 2007 को राकेश डिस्पेंसरी से घर लौट रहा था। लेकिन घर नहीं पहुुंचा। 25 अगस्त 2007 को उसका शव नहर के पास ढका हुआ मिला। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह ने सभी गवाहों को प्रस्तुत किया। अधिवक्ता की दलील, गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र शेखर मिश्र ने अमरेश सिंह, श्रीधर और महेश प्रजापति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 27 हजार के अर्थदंड भी लगाया।