वृद्धाश्रम में मातृत्व दिवस ब्रह्माकुमारीज की ओर वृद्धों को संबोधन करती बिंदु दीदी, संवाद
विंध्याचल। वृद्धाश्रम में मातृत्व दिवस पर ब्रह्माकुमारीज की ओर से भावपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में बुजुर्ग माताओं और दादाजी को आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक जीवन का संदेश दिया गया।
मिर्जापुर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके बिंदु दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में नैतिक मूल्यों का हृास चिंताजनक है। कुछ लोग अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ रहे हैं। जबकि उनकी सेवा बच्चों का कर्तव्य है।
वृद्धाश्रम में माता-पिता को छोड़ना कलयुग के अंतिम समय का संकेत है। उन्होंने बुजुर्गों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के इस चरण में ईश्वर स्मरण, सत्संग और भजन के माध्यम से आत्मिक शांति और संतोष प्राप्त किया जा सकता है। सभी को नकारात्मक विचारों से दूर रहने का संदेश दिया।
इस दौरान बीके अनीता दीदी ने अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार ईश्वरीय ज्ञान ने उनके जीवन को नई दिशा दी। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी दिव्य बहन की ओर से प्रस्तुत भजन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित सभी लोग भाव-विभोर हो उठे। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में “संगम” अभियान की भी जानकारी दी गई, इसे भारत सरकार और ब्रह्माकुमारीज की ओर से संयुक्त रूप से “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” थीम के तहत पूरे देश में चलाया जा रहा है। वृद्धाश्रम के देखभालकर्ता चंद्रपाल ने इस पहल के लिए संस्था का आभार जताया। संवाद