कोविड महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए गांवों में निगरानी समितियां काम करेंगी। इसके गठन पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिले के 809 ग्राम पंचायतों निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा। पंचायत सहायक प्रतिदिन का लेखाजोखा न सिर्फ अपने पास रखेंगी बल्कि अपने-अपने संबंधित ब्लाक मुख्यालयों पर स्थापित कंट्रोल रूम को सूचनाएं देंगे। ब्लाक मुख्यालयों से इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को भेजी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन से पत्र मिलने के बाद पंचायती राज विभाग सक्रिय हो गया है। जिले के सिटी, पहाड़ी, मझवां, सीखड़, नरापनपुर, जमालपुर, राजगढ़, पटेहरा, लालगंज, हलिया, छानबे व कोन विकास खंड में अधिकांश ग्राम पंचायतों इस पर काम शुरू कर दिए गए हैं। निगरानी समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष, पंचायत सहायक, सदस्य-सचिव व ग्राम पंचायत सचिव सदस्य होंगे। इनके अलावा समस्त आशा कार्यकत्री, आंगबाड़ी कार्यकत्री, कोटेदार, लेखपाल, ग्राम पंचायत रोजगार सेवक, स्वछाग्रही, युवक मंगल दल व ग्राम पंचायत के चौकीदार सदस्य होंगे।
निगरानी समितियों के कार्य
ग्राम पंचायत में गठित निगरानी समितियां कोरोना संक्रमित व्यक्ति को स्वास्थ विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई मेडिकल किट का वितरण करेंगे। साथ ही क्वारंटीन या होम आइसोलेशन में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की निगरानी करेंगे। गांव में सैनिटाइजेशन के साथ ही साथ गांव में बाहर से आने वाले व्यक्तियों तथा प्रभावित व्यक्ति का थर्मल स्कैनिंग या पल्स ऑक्सीमीटर से स्क्रीनिंग करने का कार्य करेंगे।
जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में निगरानी समतियों का गठन करते हुए उन्हें सक्रिय किया जा रहा है। साथ ही समस्त पंचायत सहायकों को प्रत्येक दिन गांवों की रिपोर्ट संबंधित ब्लाक मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अरविंद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।