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जेम पोर्टल से मिलेगा समूह की महिलाओं को बाजार

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जेम पोर्टल से मिलेगा समूह की महिलाओं को बाजार
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जिले में कालीन व दरी की बुनाई से लेकर अचार व कोहड़ौरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अब जेम पोर्टल के माध्यम से नया बाजार मिलेगा। इससे उनके तैयार किए गए उत्पाद देश भर में बेचे जा सकेंगे।
जिले में एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन) के तहत हजारों महिलाएं समूह के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रही हैं। वे विभिन्न प्रकार के उत्पाद का निर्माण कर उनको बेचकर आजीविका कमा रही हैं। इसमें खाद्य पदार्थों से लेकर कालीन व दरी का निर्माण तक शामिल है। इससे उनका जीवन तो बेहतर हो ही रहा है, समाज में भी उनकी प्रतिष्ठा बढ़ रही है। जिले में इस समय नौ हजार चार सौ स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं। इन समूहों से एक लाख चार हजार परिवार जुड़े हुए हैं। एक समूह से लगभग आठ से दस परिवार जुड़े हैं। इन महिलाओं को रोजगार दिलाने के लिए उनको सरकारी सहायता भी दी जा रही है। समय- समय पर प्रशिक्षण व कार्यशाला के माध्यम से समूह की महिलाओं को तकनीकी जानकारी दी जा रही है। अब शासन की इस नई योजना से उनको एक विस्तृत बाजार मिल सकेगा, जहां वे अपने उत्पादों को आसानी से बेच सकेंगी।
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इनसेट
ब्लाकों से मांगी गई है सूची
मिर्जापुर। जिले के 12 विकास खंडों में एनआरएलएम की योजनाएं चल रही हैं। इन विकास खंडों से सूची मांगी गई है कि उनके यहां कितने समूह संचालित हैं और वे किस प्रकार का रोजगार कर रहे हैं। महिलाएं किस प्रकार का उत्पाद तैयार कर रही हैं। आम तौर पर समूह की महिलाएं शहद, सरसों का तेल, कोहड़ौरी व खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जी व फल उगाने का कार्य कर रही हैं। कुछ जगहों पर हथकरघा का भी कार्य किया जा रहा है। इन सभी का विवरण मांगा गया है ताकि उसमें उन उत्पादों को चयनित किया जा सके जो कि बाहर बाजार में बेचे जा सकते हैं।
इनसेट
सिलाई कर कर ली एक करोड़ 11 लाख की कमाई
मिर्जापुर। इस बार समूह की महिलाओं ने परिषदीय विद्यालय के बच्चों की ड्रेस की सिलाई करके ही एक करोड़ 11 लाख रुपये की कमाई कर ली। इस कार्य में एक हजार समूह की लगभग 10 हजार महिलाएं लगी थीं। इन्होंने परिषदीय स्कूल के बच्चों की ड्रेस सिलकर यह कमाई की।
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वर्जन
जेम पोर्टल पर उत्पादों के लिए विकास खंडों से जानकारी मांगी गई है। उसके बाद विभाग के विशेषज्ञों का दल तय करेगा कि कौन सा उत्पाद पोर्टल के लिए चयनित किया जाए।
- अविनाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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