मिर्जापुर। जिला कारागार की सुरक्षा पहले से और चौकस होने वाली है। प्रदेश भर के जेलों में कारागारों की सुरक्षा के लिए पुलिस भर्ती में नए जवानों की जल्द तैनाती की जाएगी। नए जवानों की तैनाती से जेल की सुरक्षा के लिए जेल वार्डरों की कमी पूरी हो जाएगी। जिससे जेल के अंदर और जेल के बाहर की सुरक्षा पहले से और बेहतर हो जाएगी।
जिला कारागार में इस समय 700 बंदी है। इसमें 15 महिला बंदी है। जेल में पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ कुख्यात बदमाश भी बंद है। जिला कारागार में जेल अधीक्षक, जेलर, चार डिप्टी जेलर और जेल वार्डर का पद है। जेल अधीक्षक पद का प्रभारी जेलर अरुण मिश्रा के पास है। डिप्टी जेलर के दो पद खाली है। जेल वार्डर के कई पद खाली है। पूरी जेल की सुरक्षा में 35 जेल वार्डर ही तैनात है। इसमें सिर्फ दो महिला जेल वार्डर है। 12 पीएसी के जवान है। काफी समय से जेल की सुरक्षा में तैनात जेल वार्डरों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है। जेल के बाहरी दीवार की सुरक्षा भी जेल वार्डर के भरोसे रहती है। प्रदेश भर के जेलों में जेल वार्डरों की कमी को देखते हुए नए जवानों की भर्ती की जा रही है। जिलों में जवानों के मेडिकल का कार्य किया जा रहा है। मेडिकल कार्य पूरा होने के बाद 15 सितंबर तक जेलों में नए जवानों की तैनाती कर दी जाएगी। जिसके बाद मिर्जापुर जिला कारागार को 38 जवान मिलेंगे। जो जेल वार्डर के रुप में जेल के अंदर बंदियों की सुरक्षा की कमान संभालेंगे। 38 जेल वार्डर में आठ महिला है।
वर्जन
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जेल वार्डरों की संख्या बढ़ने से कारागार की सुरक्षा पहले से और बेहतर हो जाएगी। जिला कारागार को 38 जेल वार्डर मिलने है। इसमें आठ महिला है। 15 सितंबर तक उनकी तैनाती की उम्मीद है।
अरुण मिश्रा, प्रभारी जेल अधीक्षक