मिर्जापुर। पथरहिया स्थित औद्योगिक आस्थान में आवंटन से अधिक भूमि पर उद्यमियों का अवैध कब्जा है। तमाम निर्देश व नोटिस के बावजूद उद्यमी भूमि खाली नहीं कर रहे हैं। औद्योगिक आस्थान परिसर में धड़ल्ले से ट्रकों का ठहराव हो रहा है। इतना ही नहीं, कई ऐसे भी उद्यमी हैं जो फैक्ट्री संचालित करने के बजाए गोडाउन बनाकर बाहरी माल रखते हैं।
पिछले वर्ष हुई जांच में मामला प्रकाश में आने पर उद्योग विभाग की तरफ से संबंधित उद्यमियों को नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके जमीन से अतिक्रमण नहीं हट सका। पथरहिया स्थित 15.75 एकड़ में फैले औद्योगिक आस्थान में कहने के लिए दरी, कारपेट, मेटल, सहित अन्य उद्योग के लिए कुल 32 फैक्टि्रयां संचालित हो रही हैं। इनमें अधिकांश ऐसी फैक्टि्रयां हैं, जो सिर्फ नाम की हैं। कई ऐसे उद्यमी हैं, जिनका किसी उद्योग से कोई नाता नहीं है। ऐसे लोगों ने आवंटन से अधिक भूमि पर कब्जा किया है। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर पिछले वर्ष संयुक्त उपायुक्त उद्योग एवं उप जिलाधिकारी ने जांच की थी। इसमें अतिक्रमण का मामला सामने आया था। बावजूद इसके अभी तक मामला ठंडे बस्ते में है। मुख्य गेट से औद्योगिक आस्थान में प्रवेश करते ही परिसर में जहां-तहां अनधिकृत रूप से ट्रक खड़े रहते हैं। ट्रकों की आवाजाही से अगल-बगल की जमीन धूल से पटे हुए हैं। मामूली हवा में परिसर में उठते धूल के गुब्बार से फैक्ट्री संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
औद्योगिक आस्थान में जल निकासी की समस्या
मिर्जापुर। औद्योगिक आस्थान में उद्यमी जल निकासी समस्या से जूझ रहे हैं। उद्योग बंधु की बैठक में भी कई बार मुद्दा उठाया गया। बावजूद इसके समस्या का समाधान न होने से उद्यमियों में रोष है।
परिसर में अभी तक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की तरफ से सीवर का निर्माण नहीं कराया गया है। बरसात का मौसम करीब है। इससे उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था न होने पर मामूली बारिश में पानी फैक्टि्रयों के अंदर घुसने लगता है। परिसर में सफाई का भी अभाव है। जगह-जगह गंदगी पड़ी रहती है। कोई उठाने नहीं आता है। कभी कभार सफाई होती भी है तो वह मुख्य गेट से उद्योग विभाग कार्यालय तक ही होती है।
परिसर में जिस फैक्ट्री के लिए जमीनें आवंटित की गई हैं, वही कार्य हो रहा है। कुछ लोग गोडाउन बनाकर उसमें बाहर का माल रखते थे। उन्हें खाली करा दिया गया है। औद्योगिक आस्थान में आवंटन से अधिक भूमि हथियाने वाले उद्यमियों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। जितनी जरूरत है, उतनी छोड़कर बाकी जमीन जल्द वापस ली जाएगी। - वीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग।