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नगर पालिका की जमीन पर संचालित हो रहे अवैध वाहन स्टैंड

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विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने काफी संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं, लेकिन उनके वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई अधिकृत वाहन स्टैंड नहीं है। जो भी वाहन स्टैंड हैं, वे अनधिकृत हैं और स्टैंड संचालक वाहन स्वामियों से मनमाना शुल्क वसूली कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि अवैध स्टैंडों का संचालन नगर पालिका की जमीन पर किया जा रहा है और पालिका प्रशासन इसके प्रति उदासीन बना हुआ है। यही नहीं, प्रशासन के अधिकारी भी विंध्याचल क्षेत्र में पहुंचते रहते हैं, उनका ध्यान भी इस तरह नहीं जा रहा है। अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा श्रद्धालुओं को अवैध स्टैंडों पर वाहनों का मनमाना शुल्क देकर भुगतना पड़ रहा है।
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विंध्य धाम प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने दर्शनार्थी दूर-दूर से आते हैं। आसपास के जिलों के दर्शनार्थी प्राय: अपने निजी साधनों से आते हैं। उनसे स्टैंड संचालक मनमाना शुल्क वसूलते हैं। खास बात यह है कि प्रशासन व पुलिस की नाक के नीचे क्षेत्र में छोटे-बड़े दो दर्जन से अधिक अवैध वाहन स्टैंड संचालित हो रहे हैं। किसी प्रकार का लाइसेंस या ठेका नहीं होने के बावजूद अधिकारी इसकी अनदेखी करते आ रहे हैं। इससे पालिका को राजस्व की भी क्षति हो रही है। दर्शनार्थियों का कहना है कि इन स्टैंडों पर दो व चार पहिया वाहनों को खड़ी करने के बदले 20 रुपये से लेकर सौ रुपये तक शुल्क वसूल किया जाता है। कई बार तो फर्जी रसीद भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लेकिन उसकी भी जांच नहीं हो सकी।
हालांकि पहले बरतर में नगर पालिका का वाहन स्टैंड था, लेकिन इस समय वहां पर पालिका का अधिकृत वाहन स्टैंड नहीं है, जबकि नगर पालिका के नाम पर आज भी वहां स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद ने बैठक में वाहन स्टैंडों के लिए शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत एक से 99 वाहनों को रखने की क्षमता वाले स्टैंडों का पंजीकरण शुल्क एक लाख 20 हजार रुपये प्रति वर्ष तथा सौ से अधिक क्षमता वाले स्टैंड का वार्षिक शुल्क डेढ़ लाख रुपया तय किया गया है। नगर पालिका परिषद के कर निर्धारण अधिकारी अरविंद यादव का कहना है कि अभी तक किसी ने वाहन स्टैंड के लिए आवेदन नहीं किया है। उधर, नगर क्षेत्र में भी अवैध वाहन स्टैंडों की भरमार है। इन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। नगर के पीलीकोठी व अन्य क्षेत्रों में धड़ल्ले से इस प्रकार के अवैध वाहन स्टैंड संचालित किए जा रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते अवैध वाहन स्टैंडों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल का कहना है कि नगर पालिका का विंध्याचल में कोई वाहन स्टैंड नहीं है। बोर्ड ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया है। आवेदन करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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