लालगंज विकासखंड सभागार में बृहस्पतिवार को खंड विकास अधिकारी रमाकांत ने सरकार की तरफ से संचालित विकास योजनाओं में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान पौधरोपण के लिए गड्ढा तैयार कराने सहित अन्य योजनाओं में प्रगति ठीक नहीं मिलने पर लापरवाही के आरोप में खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव शिवाकांत का वेतन रोकने के साथ ही निलंबित करने संस्तुति की। साथ ही एक अन्य पंचायत सचिव सुनील चतुर्वेदी की चेतावनी दी कि तीन दिन के अंदर कार्य पूरा नहीं कराने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बैठक में मौजूद नहीं रहने पर खंड विकास अधिकारी ने 22 रोजगार सेवकों का एक दिन का मानदेय भी रोक दिया। साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए मनरेगा के तहत प्रस्तावित कार्यों में से 40 प्रतिशत कार्य 10 दिन में पूरा कराने की हिदायत भी दी।
बैठक के दौरान बीडीओ ने 153000 पौधरोपण के लक्ष्य के अनुरूप में गड्ढे तैयार कराने की हिदायत दी। उन्होंने प्रत्येक गांव में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को सुबह के समय खुला रहने का भी निर्देश दिया। कहा कि यदि शौचालय खुले नहीं मिले तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही मिलने पर खंड विकास अधिकारी ने पंचायत सचिव शिवाकांत का वेतन रोकने के साथ निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की। आरोप है कि पंचायत सचिव ने मनरेगा, पीएम आवास व अमृत सरोवर योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में रुचि नहीं ली। इनके अलावा एक अन्य पंचायत सचिव सुनील चतुर्वेदी को चेतावनी दी कि तीन दिन के अंदर कार्य पूरा नहीं कराने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित मिले 22 रोजगार सेवकों का एक दिन का मानदेय रोकने के लिए पत्र भी उन्होंने लिखा। खंड विकास अधिकारी ने बैठक में आवास, मनरेगा, अमृत सरोवर योजना से संबंधित कार्यों में हुई प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश दिया। बैठक में फूलचंद पटेल, शंभू प्रसाद पांडेय, सत्येंद्र मिश्रा, विमल मिश्रा आदि मौजूद थे।