वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्ययनरत आईआईटी के छात्रों का दल मंगलवार को ईद व अक्षय तृतीया के दिन अवकाश होने के चलते लखनिया दरी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने पहुंचा। जहां पानी कम होने के बाद दल चूना दरी के लिए निकल गया। वहां कुंड में नहाते समय पैर फिसलने से गहरे पानी में चले जाने से एक छात्र की डूब कर मौत हो गई। हादसा अपनी आंखों के सामने होते देखने के बावजूद सहपाठी कोई छात्र उसे बचा न सका। उधर, सूचना मिलते ही गोताखोरों को साथ लेकर पहुंची पुलिस ने काफी खोजबीन के बाद छात्र का शव चूना दरी कुंड के दह से बाहर निकलवाया। जिसे देखते ही सहपाठियों में कोहराम मच गया।
बीएचयू के आईआईटी में द्वितीय वर्ष का छात्र साहिल भट्टी (19) पुत्र बद्री प्रसाद निवासी गंगानगर मनफूर सिंह थाना लालगढ़ राजस्थान मंगलवार को अवकाश होने पर अपने 20 सहपाठियों के दल के साथ घूमने निकला। दल में 15 छात्र व पांच छात्राएं शामिल थीं। मंगलवार की सुबह क्रूजर वाहन में सवार होकर सभी लखनिया दरी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने पहुंचे। जहां पानी कम होने के चलते सभी विद्यार्थी एक साथ चूना दरी निकल गए। वहां पानी के फुहारों के बीच नहाते-नहाते अचानक कुंड में कूद कर नहाने लगे। इसी दौरान पैर फिसलने से साहिल भट्टी गहरे पानी की दह में चला गया। जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। नजारा अपनी आंखों के सामने देख डूबते साथी को कोई सहपाठी बचा नहीं सका। किसी तरह हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों को साथ लेकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घंटों मशक्कत के बाद शाम को शव बरामद किया। जिसे देखते ही आईआईटी के विद्यार्थी फफक कर रो पड़े। पुलिस ने हादसे की जानकारी मृतक के परिजनों व बीएचयू प्रशासन को दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के साथी अंगद ने बताया कि साहिल माता-पिता का इकलौता पुत्र था।