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अज्ञात युवक की शिनाख्त, लापरवाही के चलते हुई मौत

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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के सामने सोमवार की सुबह मिले अज्ञात शव की मंगलवार को शिनाख्त हो गई। युवक राहुल बिंद उर्फ मिट्ठूू बिंद(30) भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के विशंभरपट्टी का रहने वाला था। हालांकि उसकी जान बच सकती थी अगर आरपीएफ, आटो चालक, अस्पताल स्टाफ ने सही समय पर अपना धर्म निभाया होता।
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भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के विशंभरपट्टी निवासी राहुल बिंद उर्फ मिट्ठूू बिंद(30) की मौत को लेकर पुलिस के मुताबिक ट्रेन से उतरने के बाद तबीयत खराब होने पर आरपीएफ ने ई-रिक्शा से उसे अस्पताल भेज दिया। ईरिक्शा चालक उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर चला गया। समय पर उपचार न मिलने से उसकी अस्पताल के गेट पर मौत हो गई।
राहुल बिंद पुणे में एक बोतल की ढक्कन बनाने वाली कंपनी में काम करता था। दो माह बाद वह पुणे पटना एक्सप्रेस से घर वापस आ रहा था। रास्ते में जहरखुरानी का शिकार हो गया। रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद उसकी तबीयत खराब थी। वह आरपीएफ पोस्ट पर पहुंचा। लेकिन आरपीएफ के एसआई ने 50 रुपये देकर ईरिक्शा से उसे अस्पताल भिजवा दिया। ईरिक्शा चालक भी उसे अस्पताल ले गया लेकिन गेट के बाहर छोड़कर चला गया। किसी तरह व इमरजेंसी गेट तक पहुंचा पर उसकी हिम्मत जवाब दे गई और वह ब्लड बैंक के सामने ही गिर गया। रात में उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रविवार की रात को ट्रेन से उतरने के बाद उसने घर पर फोन किया। लेकिन घर पर बात नहीं होने पर उसने पुणे में साथ काम करने वाले गांव निवासी बबलू को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब है, यह बात उसके घर बता दे। बबलू की मां ने राहुल के घर आकर जानकारी दी। मंगलवार को मोबाइल पर फोटो देखने के बाद परिजन मंडलीय अस्पताल पुलिस चौकी पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जहरखुरानी की घटनाएं अधिकांश रेलवे स्टेशन या बस अड्डे पर होती हैं। ट्रेन से रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद जब राहुल ने आरपीएफ पोस्ट पर जाकर पैसा न होने और तबीयत खराब होने की जानकारी दी तो आरपीएफ कर्मी उसके साथ अस्पताल नहीं गए। बल्कि 50 रुपये देकर ईरिक्शा से उसे अस्पताल भेज दिया। आरपीएफ कर्मी अगर साथ आए होते हो शायद उसकी मौत न होती। आरपीएफ कर्मियों के साथ ईरिक्शा चालक ने भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं निभाई। सबसे बड़ी लापरवाही तो अस्पताल परिसर में देखने को मिली। रात भर एक एक मरीज इमरजेंसी के सामने तड़पता रहा पर न तो इसकी सुध किसी अस्पताल कर्मी ने ली और नहीं परिसर में मौजूद चौकी के किसी पुलिसकर्मी ने।
अस्पताल में मिले युवक की शिनाख्त हो गई। ट्रेन से उतरने के बाद तबीयत ख्रराब होने पर आरपीएफ कर्मियों ने उसके पास पैसा न होने पर ईरिक्शा से अस्पताल भेजा था। ईरिक्शा वाला उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर चला गया। पोस्टमार्टम के बाद उसके मौत के कारण की पुष्टि होगी। उसके पास कोई सामान नहीं था तो हो सकता है जहरखुरानी का शिकार हुआ हो। - संजय कुमार वर्मा, एएसपी सिटी
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