मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के चेहरा गांव में दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी पति को दो वर्ष कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जिगना थाना क्षेत्र के भोड़सर गांव निवासी शिवबदन तिवारी ने आठ अगस्त 2006 में थाने में तहरीर देकर बताया कि उसने 2000 में अपनी पुत्री सरिता देवी का विवाह रविंद्र कुमार पांडेय के साथ किया था। ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
दहेज में बाइक और कलर टीवी की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न करने पर पुत्री को जलाकर मार दिया। शिवबदन की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने सात गवाहों को परीक्षित कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी पति को दो वर्ष कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड ने देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।