शाम के समय बादलों के बीच चल रही शीतल हवाओं के बीच बरियाघाट पर आनंद उठाते नगरवासी।-संवाद।
- न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट, मौसम के बदले मिजाज से किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। तीन दिनों तक बादलों और हल्की बारिश से मिली राहत के बाद रविवार को नौतपा ने एक बार फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए। सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ता गया और दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल दिखाई देने लगा। हालांकि, शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। घने बादलों के साथ तेज हवाएं चलने लगीं, इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को दिनभर की तपिश से राहत मिली।
रविवार को जिले का अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले शनिवार को न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस प्रकार न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूरज की तेज किरणों ने लोगों को परेशान किए रखा। उमस इतनी अधिक थी कि घरों में पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे थे। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की अपेक्षा कम दिखाई दी। सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों को उठानी पड़ी। दोपहर बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे। शाम होते-होते हलिया समेत जिले के कई इलाकों में घने बादलों ने डेरा डाल दिया। बादलों की घनी मौजूदगी के कारण दिन में ही अंधेरा जैसा दृश्य बन गया। इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। हवाओं के चलते वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत महसूस की। कई स्थानों पर लोगों ने घरों की छतों और खुले स्थानों पर पहुंचकर सुहाने मौसम का आनंद लिया।
किसानों के चेहरे खिले
मौसम में आए बदलाव से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में हल्की बारिश होती है तो धान की नर्सरी और खेतों की तैयारी को गति मिलेगी। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में तापमान में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।