मिर्जापुर। रोडवेज बसों में फर्स्ट एड और आग से बचाव के लिए फायर टेंडर रखने का आदेश है पर मिर्जापुर रोडवेज की बस में लापरवाही मिली। फर्स्ट ऐड बाक्स में दवा की जगह गुटखा रखा मिला और फायर टेंडर उपकरण तो कई बसों में मिला ही नहीं। जिन बसों में फायर टेंडर मिला तो देखकर ऐसा लगा कि काफी समय से मॉक ड्रिल भी नहीं की गई है।
रेल के बाद रोडवेज सेवा आवागमन का साधन है। मिर्जापुर रोडवेज में 56 निगम और 11 अनुबंधित बसे हैं। जिले से प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, कानुपर, लखनऊ आदि के लिए बस सेवा है। रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा में दो सबसे महत्वपूर्ण सामान की व्यवस्था करना जरूरी होता है। इसमें फर्स्ट एड बाक्स, इसमें जरूरी दवाएं और मरहम पट्टी रहती है। इसके अलावा फायर टेंडर। हालांकि अधिकांश बसों में दोनों को लेकर लापरवाही साफ दिखी। टूूटे-फुटे फर्स्ट एड बाक्स में पुरानी दवाएं हैं। लखनऊ जा रही एक बस में जांच में फर्स्ट एड बाक्स में गुटखा मिला। फायर टेंडर उपकरण का भी नॉब खराब मिला। इस समय गर्मी का मौसम है। कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं हो रही हैं, इसके बावजूद फायर टेंडर उपकरण के समुचित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।