इस बात की जानकारी के बाद पिता ने 25 जून 2020 को केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा कि लॉकर को उनके चारों पुत्रों के सामने ही खोला जाए। साथ ही लॉकर की नई चाबी चारों पुत्रों को दिया जाए। आरोप लगाया कि बड़े भाई उमेश शुक्ला ने 23 सितंबर 2020 को बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के साथ षडयंत्र रचकर लॉकर से करोड़ो का सोना निकाल लिया।
इधर, 15 मई 2021 को पिता का निधन हो गया। तेरहवीं बीतने पर बैंक में जाकर 28 और 29 मई को पत्र दिया कि पिता का लॉकर बिना सभी भाइयों की उपस्थिति में न खोला जाए। पर डिप्टी बैंक मेनेजर ने पत्र रिसीव नहीं किया। जिसके बाद फर्जीवाड़े का शक हुआ।
मनोज कुमार शुक्ला की तहरीर पर उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक के खिलाफ कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने कहा बैंक के लॉकर से धोखाधड़ी कर जेवरात निकालने के आरोप में उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।