लालगंज। स्वतंत्रता सेनानी रविनंदन दुबे की 32वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी देश की धरोहर हैं। इनकी संघर्ष की गाथा प्रेरणादायक है।
कठवार में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी रविनंदन दुबे की पुण्यतिथि कार्यक्रम पर बोलते हुए पूर्व एमएलसी व प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश पति त्रिपाठी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी समाज को प्रेरणा देते रहते हैं। उपजिलाधिकारी जंग बहादुर यादव ने भी अपने विचार रखे। प्रमुख नरेंद्र गिरी ने कहा कि आधुनिक समाज की पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के चरित्र से सीखने की जरूरत है। पूर्व प्रमुख जय कुमार सिंह ने कहा कि भारत एक सांस्कृतिक देश है। उपरौध अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी रचनात्मक संघर्ष से जाने गए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाशपति त्रिपाठी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी शब्द संघर्ष से निकल कर बना है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रदत्त त्रिपाठी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, राजे सिंह यादव, चंद्रमणि दुबे, कैलाश दुबे, तेज बहादुर दुबे, श्याम नरायन यादव, धनेश्वर गौतम, प्रभुनाथ दूबे, जनार्दन मिश्रा, कमलेश मिश्रा, राम नगीना, संतोष मिश्रा, संजय मिश्रा, राजन सेठ, दिलीप दुबे आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद दुबे ने किया।