मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को बैठक कर महिला यौन उत्पीड़न को रोकने के उपायों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकार को निर्देश दिया कि जिन कार्यालयों में कम से कम 10 कर्मचारी कार्य करते हैं, वहां एक अतिरिक्त शिकायत समिति का गठन करवाया जाए। शिकायत पर कार्रवाई एक सप्ताह के अंदर सुनिश्चित कराई जाए। 10 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं व कंपनियों का पर्यवेक्षण जिला स्तर पर गठित स्थानीय समिति के द्वारा किया जायेगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अब तक 82 कार्यालयों में समिति का गठन करा लिया गया है। शेष का एक सप्ताह के अंदर गठन कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। जिलाधिकारी ने कहा गया कि यदि किसी अपराध में कोई महिला संलिप्त है तो और उसकी गिरफ्तारी महिला पुलिस के द्वारा ही की जाएगी। सूर्यास्त के बाद किसी भी आपराधिक मामले में महिला की गिरफ्तारी नहीं होगी। मीडिया से कहा कि किसी तरह से उत्पीड़ित महिला का नाम, फोटो, सोशल मीडिया या समाचार पत्रों में प्रकाशित न किया जाय। अगर शिकायत यौन उत्पीड़न प्रमाण प्रकट करती है तो आईसीसी को सात दिनो के भीतर पुलिस को सूचित करना होगा। जांच अवधि के दौरान उत्पीड़ित महिला छुट्टी ले सकती है। या स्थानांतरण करवा सकती है। शिकायत समिति को अपनी जांच तीन महीने में पूरी करनी होगी। दुष्कर्म की शिकार या पीड़ित महिला को मुफ्त कानूनी मदद पाने का पूरा अधिकार है। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी, जिला महिला कल्याण अधिकारी मंजू यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश त्रिपाठी के अलावा अन्य उपस्थित रहे।