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जमालपुर में बाढ़ का हाल : पानी की रफ्तार थमी, दुश्वारियां कम नहीं

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चील्ह में बाढ़ के पानी से ​घिरा पुराना वाडा स्थित अंतर्राज्यीय शवदाह गृह।- सोशल मीडिया।
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जमालपुर। क्षेत्र में बाढ़ के पानी की रफ्तार भले ही थम गई है लेकिन तटवर्ती इलाके अभी भी पानी से घिरे हैं। लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई है। करजी, हसौली सहित ओड़ी में तटबंध से नीचे नदी का पानी आने से ग्रामीणों को राहत मिल गई है। गोगहरा, लोढ़वा, जादोपुर, भड़ेवल, भाईपुर खुर्द, डढौ़ना, हरदी सहजनी में नदी के पानी से अब भी सिवान भरा है। जमालपुर क्षेत्र के हरदी, सहजनी, चौहान बस्ती में कलवरिया नाले पर बना पुल टूटने से आवागमन बाधित हो गया है। जमालपुर से रामपुर मार्ग कटिंग के चलते आवागमन बंद है। लोगों को कई किलोमीटर दूर का चक्कर लगाकर घर पहुंचना पड़ रहा है। भड़ेवल गांव पानी से चारो तरफ से घिर गया गया है। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बाढ़ का पानी विद्यालयों में भरे होने से पठन-पाठन ठप है।
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गरई नदी का तटबंध टूटने पर मुख्य अभियंता सिंचाई ने एई को लगाई फटकार
जमालपुर। मुख्य अभियंता सिंचाई सिद्धार्थ कुमार सिंह ने सोमवार की देर शाम जमालपुर क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किए। मुख्य अभियंता बाढ़ग्रस्त क्षेत्र कैबिनेट मंत्री के गांव ओड़ी का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों का हालचाल लिया। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने डूहीकला में भोकानाला तटबंध टूटने की अधिकारियों को जानकारी नहीं होने और गरई नदी के तटबंध टूटने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को फटकार लगाई। मुख्य अभियंता ने बाढ़ का पानी कम होने पर हसौली-सकरौड़ी संपर्क मार्ग पर भाईपुर खुर्द गांव के पास सड़क निर्माण कराने की बात कही। निरीक्षण बाद मुख्य अभियंता ने गर॓ई नदी का पानी कलकलिया नदी डायवर्ट करने पर अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया।


बाढ़ के पानी से घिरे 70 विद्यालय, पठन-पाठन ठप
जमालपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 70 विद्यालयों में पानी भरने से पठन-पाठन ठप है। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय डवक, काधीं, मुरेराडीह, हरदी सहजनी, डढौना, भडेवल, जगदीशपुर, पसही, प्रतापपुर, जमालपुर, गोगहरा, हसौली, लोढ़वा, भभौरा, गुलौरी, डोहरी, अमरपात, जादोपुर, महोगनी, ओड़ी बंद है। इसी तरह कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पानी भरा है। खंड शिक्षा अधिकारी देव मणि पांडेय ने बताया कि कस्तूबा गांधी विद्यालय के बच्चों को घर भेज दिया गया है।
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अहरौरा जलाशय से जमालपुर में छोड़ा आठ सौ एमसीएफटी पानी, 36 गांव प्रभावित
अहरौरा। अहरौरा जलाशय से आठ सौ एमसीएफटी पानी जमालपुर क्षेत्र में छोड़ा गया है। तीन हजार एकड़ खरीफ की फसल डूब गई है। 36 गांव प्रभावित हैं। जमालपुर से होते हुए चंदौली की सीमा तक का आंशिक प्रभावित इलाका जलभराव की चपेट में है। गरई नदी के तटबंध तथा दौला पानी के दबाव से जगह-जगह से टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत के निर्देश जारी किए गए हैं। सिंचाई विभाग गरई नदी के पानी को डायवर्ट कर कलकलिया नदी से जोड़ने के लिए सर्वे कर रहा है।

चुनादरी के रास्ते लखनिया दरी होते हुए जलाशय में आने वाले पानी से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रहा है। वहीं दूसरी ओर झील तथा पहाड़ी क्षेत्र का पानी भी अपने रास्तों से होते हुए जलाशय में आता जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। हर संभव कोशिश की जा रही है बारिश नहीं हुई तो सब कुछ सामान्य होगा।
हरिशंकर प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार।




जरगो जलाशय के भी खोले गए दो गेट
अहरौरा। जरगो जलाशय में मंगलवार की दोपहर हुई बरसात के बाद जलस्तर में वृद्धि हुई है। 318.6 का जलस्तर बनाए रखने के लिए एक बार फिर दो गेट एक फीट तक खोलकर पानी डिस्चार्ज किया जाने लगा। जबकि सोमवार से जलस्तर सामान्य होने पर जलाशय के सभी गेट बंद कर दिए गए थे। बताते चले कि जरगो जलाशय का ज्यादातर पानी गंगा में जा रहा है।
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