अग्निशमन विभाग कालीन कंपनियों का निरीक्षण कर आग से बचाव के उपायों की जांच पड़ताल करेगा। मजदूरों को आग से बचाने के लिए इंतजाम अगर पुख्ता नहीं मिले तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं जरूरत पड़ी तो कंपनियों से जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके लिए अग्निशमन विभाग ने कंपनियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है।
अग्निशमन विभाग ने आग की घटना होने पर बिजली और अन्य विभागों के सिर ठीकरा फोड़ने वाली लापरवाह कालीन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया है।
विभाग शीघ्र ही कालीन कंपनियों केे कार्यस्थल की जांच कर वहां मजदूरों की सुरक्षा के लिए किए गए व्यवस्था की जांच करेगा। प्राय: देखा गया है कि कालीन कंपनी व गोदाम मालिक कंपनी का सामान चोरी नहीं हो इसके लिए एक की रास्ता बनवाते हैं। गेट पर एक गार्ड तैनात कर देते हैं जो आने जाने वाले मजदूरों की चेकिंग कर यह देखता है कि मजदूर कोई सामान तो नहीं ले जा रहा है। वहीं दूसरी ओर आग की घटना होने पर उससे बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया जाता है।
अगलगी की घटना होने पर कंपनी या गोदाम में एक गेट होने के कारण सारे मजदूर एक साथ बाहर नहीं भाग पाते हैं और उसके जहरीले धुएं में फंस कर मात्र ढाई मिनट में दम घुटने से उनकी मौत हो जाती है। कंपनी के लोग किसी दूसरे वजह से घटना होना बता कर अपना पल्ला झाड़ लेेते हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्रशेखर शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया है और कंपनी व गोदाम का निरीक्षण कर आग से बचाव के क्या क्या उपाय किए गए हैं इसके बारे में जानकारी लेने की योजना बनाई है। मिर्जापुर जनपद कालीन व पीतल बर्तन उद्योग के लिए मशहूर है। जिसमें सैकड़ों मजदूर कार्य करते हैं, लेकिन आग की घटना होने पर उनके जान की सुरक्षा के लिए किसी कंपनी व गोदाम के मालिकों ने उपाय नहीं किया है।
इससे हादसा होने पर कंपनी मालिक बिजली विभाग व अन्य विभाग के सिर ठीकरा फोड़ते हुए बच निकलने का प्रयास करते हैं।