नरायनपुर-हाथीनाला मार्ग पर किया जा रहा सड़क निर्माण कार्य।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंशा के अनुरूप वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का निर्माण कार्य चालू माह में पूरा होने पर संशय है। कई स्थानों पर सड़क तो कहीं पुल का निर्माण बाकी है। माना जा रहा है कि आधी अधूरी सड़क, निर्माणाधीन पुल और आने वाला मानसून कार्य में बाधा बनेंगे। ऐसे में बचे एक पखवारे में काम पूरा कर लेने का चेतक कंपनी के अधिकारियों का बयान बड़बोलापन साबित होगा।
सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 30 जून की डेड लाइन घोषित कर दी है। ऐसे में चेतक इंटरप्राइजेज कंपनी के अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं। मार्ग की कुल लंबाई करीब 230 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर नरायनपुर-हाथीनाला के 118 किलोमीटर मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा है। यहां पर दो पुलों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। सड़क आधी-अधूरी बनी है। अदलहाट में एक किलोमीटर तक एक तरफ की सड़क पर अभी काम चल रहा है।
अदलहाट थाने से लेकर पथरौरा मिल तक सड़क नहीं बन सकी है। जरगो नहर पर बन रहे पुल के दोनों तरफ सड़कों पर अभी काली गिट्टी नहीं डाली जा सकी है। मिल के पास ही पुल निर्माणाधीन है। गौरही रोड पर भी एक पुल निर्माणाधीन है। दोनों पुलों के निर्माण की अभी प्रक्रिया चल रही है। पुलों पर बांधे गए लोहे के जाल पर सीमेंट और गिट्टी का मिश्रण डाला जा रहा है।
शर्मा मोड़ से बरुइयां तक सर्विस रोड का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में भी अधिकारी काम तय समय में पूरा कराने की बात कह रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इससे जुदा है। माना जा रहा है कि सैकड़ों कुशल कारीगरों और श्रमिकों को लगाने के बाद भी काम 30 जून तक पूरा नहीं होगा।