अहरौरा। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए भेजे जाने वाले पत्थर अहरौरा से भेजे जाते हैं। लेकिन बिजली की चरमराई व्यवस्था से समय से आपूर्ति में दिक्कत आने लगी। इस समस्या से अवगत होने के बाद क्षेत्र के कई फिडर को विभाग अनवरत विद्युत आपूर्ति करेगा। विद्युत विभाग पारेषण के एमडी ने फरमान जारी कर कागजों पर क्षेत्र को विद्युत कटौती से मुक्त कर दिया है।
सोमवार को विद्युत विभाग पारेषण के एमडी ने एक पत्र जारी कर अधिशासी अभियंता चुनार को निर्देशित किया कि अहरौरा के जंगल महाल सहित कुछ फीडरों को रोस्टरिंग से मुक्त रखा जाय। आदेश के अनुपालन के लिए अधिशासी अभियंता सुपुष्प कुमार ने संबंधित फीडर के अवर अभियंताओं को आदेश की छाया प्रति भेजी है। बताते चलें कि विभागीय अनियमितता और लापरवाही के चलते रोस्टरिंग का हवाला देकर अनावश्यक विद्युत आपूर्ति बाधित की जाती रही है। अघोषित विद्युत कटौती तथा रोस्टिंग पत्थर आपूर्ति में बाधा बनने लगी तो प्रकरण का संज्ञान लेकर एमडी ने पहल की है। हालांकि इस संबंध में आपूर्ति के लिए टेंडर करने वाली कंपनी लार्सन एंड टूब्रो के प्रबंधक बृजेश सिंह ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को पत्र भेजकर अहरौरा क्षेत्र के कटर प्लांटों से जुड़े फीडरों पर अनवरत आपूर्ति की अपेक्षा की थी।
हालांकि आदेश के पहले दिन ही इसकी अवहेलना भी देखी गई। सोमवार को ही 11 बजे दिन से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। साम छह बजे तक अहरौरा सहित खनन इलाके की विद्युत आपूर्ति अकारण ही अनवरत बाधित रही। इस बाबत विद्युत वितरण खंड चुनार के अधिशासी अभियंता सुपुष्म कुमार ने बताया कि जंगल महाल फीडर को रोस्टरिंग से मुक्त कर दिया गया है। अनावश्यक रूप से विद्युत आपूर्ति मे कटौती की गई तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।