मिर्जापुर। राजकीय हाईस्कूल में नवनियुक्त शिक्षकों से सुविधा शुल्क लेने के प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह ने वित्त एवं लेखाधिकारी तथा संबंधित पटल सहायक से स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि 31 मार्च को जिले के राजकीय हाईस्कूल में नवनियुक्त शिक्षकों का एरियर भुगतान होने के लिए आया था। इसमें लगभग 51 शिक्षक लाभान्वित होने वाले थे। इनमें से 15 को एरियर का भुगतान हुआ, शेष का भुगतान नहीं किया गया। इस पर शेष शिक्षकों ने सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर जांच की और कार्रवाई की मांग की थी। इन शिक्षकों का आरोप था कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वित्त व लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा और सहायक पटल द्वारा दस फीसदह सुविधा शुल्क देने के बाद शिक्षकों को बकाया एरियर का भुगतान किया जा रहा है। जिले में राजकीय माध्यमिक समग्र शिक्षा अभियान रमसा का 31 मार्च 2022 को लगभग पांच करोड़ का बजट प्राप्त हुआ था, किंतु इस विषय पर वित्त व लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा द्वारा कोई एरियर भुगतान की सूचना संबंधित विद्यालयों को नहीं दिया गया।
सर्वर बंद होने से हुई परेशानी
मिर्जापुर। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वित्त व लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा और सहायक पटल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीआईओएस ने बताया कि लेखाधिकारी का कहना है कि उन्होंने सभी को टोकन जेनरेट किया लेकिन कोषागार का सर्वर रात नौ बजे बंद हो गया। उस समय तक 15 लोगों का एरियर प्राप्त हो सका था। शेष लोगों को नहीं मिल सका। डीआईओएस ने कहा कि बजट मंगाया गया है। शीघ्र ही सभी को एरियर का भुगतान कराया जाएगा।