मिर्जापुर। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को डिस्काम के प्रबंध निदेशक शंभु कुमार ने कम वसूली और अधिक लाइन लास के चलते शुक्रवार को निलंबित कर दिया। अधिशासी अभियंता को डिस्काम मुख्यालय वाराणसी से संबद्ध किया गया है।
पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने बीते शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से राजस्व वसूली और बिजनेस प्लान की समीक्षा की। इस दौरान मिर्जापुर के विद्युत वितरण खंड द्वितीय में राजस्व वसूली पिछले साल की तुलना में 21.14 प्रतिशत कम पाई गई। वितरण हानि वर्ष 2022-23 में 11.33 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 18.01 प्रतिशत हो गई। समीक्षा में वसूली कुशलता जो पिछले वर्ष 64.82 प्रतिशत थी, वह 2023-24 में घटकर 56.73 प्रतिशत ही मिली। साथ ही अन्य हानियां जो 42.63 प्रतिशत थीं, इस बार 53.49 प्रतिशत हो गईं। कहा गया कि राजस्व वसूली कम हो गई और हानियां बढ़ती गईं। अधिशासी अभियंता ने न तो राजस्व वसूली बढ़ाने की कोशिश की और न ही न ही हानियों को कम करने का कोई प्रयास किया। अध्यक्ष के निर्देश पर डिस्काम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही जांच की भी बात कही जा रही है। निलंबन की अवधि में वे डिस्काम मुख्यालय वाराणसी से संबद्ध रहेंगे। विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता रामदास ने बताया कि चेयरमैन की वीडियो कांफ्रेंसिंग थी। उसके बाद यह आदेश जारी किया गया। अधिशासी अभियंता द्वितीय राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।