लोगों की शिकायत पर सांसद अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को मड़िहान सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो चिकित्सक समेत पांच कर्मचारी गायब मिले। इसमें से एक चिकित्सक को आठ माह से ड्यूटी पर नहीं थीं। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। प्रसव और इलाज के दौरान सुविधा शुल्क लिए जाने की शिकायत भी मिली। नाराज सांसद ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही।
सांसद सोमवार की दोपहर 12 बजे अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान ओपीडी रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि प्रभारी चिकित्सक बीबी स्वरूप अनुपस्थित हैं। वहीं डा. अंजू वर्मा आठ माह से गायब पाई गईं। धोबी नीरज, कुक रामसागर, वार्ड ब्वाय गोपाल के हस्ताक्षर थे लेकिन वे ड्यूटी पर नहीं मिले। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस लापरवाही के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखेंगी।
चिकित्सालय में भर्ती महिला मरीजाें से बातचीत की तो महिलाओं ने बताया कि उनको खाना नहीं दिया जाता है। इसके अलावा अन्य सुविधा भी नहीं दी जाती है। खुद उन्हें ही चिकित्सक समेत अन्य कर्मियों को इलाज या प्रसव कराने के दौरान सुविधा शुल्क देना पड़ता है।
इस संबंध सांसद ने बताया कि काफी दिनों से मड़िहान, पटेहरा तथा राजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र की शिकायत मिल रही थी कि यहां तैनात डॉक्टर व कर्मचारी नहीं आते हैं। कुछ कर्मचारी ही कभी कभी आते हैं। कोई सुविधा भी नहीं मिलती है। इलाज से लेकर प्रसव तक में सुविधा शुल्क लिया जाता है। इससे इलाके के लोगों को चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पा रही है।