शादी विवाह के चलते जिले में दूध की मांग बढ़ गई है। वहीं प्रचंड गर्मी के चलते दूध के उत्पादन में भी कमी आई है। इसका नतीजा यह है कि दूध कहीं 50 रुपये तो कहीं पर 80 रुपये से तक बिक रहा है। शादी-विवाह के मौसम में दूध और खोवा, पनीर, छेना आदि की मांग बढ़ गई है। घर-घर दूध पहुंचाने वाले दूधिए भी मांग पूरी कर नहीं पा रहे हैं।
वर्तमान समय जनपद के नगरीय इलाकों सहित ग्रामीण अंचलों में दूध की किल्लत हो गई है। गर्मी के मौसम में पशुपालकों के गाय-भैंस अब उतना दूध नहीं दे रहे हैं, लेकिन मांग दिनों दिन बढ़ती ही चली जा रही है। इससे दूधिए दूध के दाम भी बढ़ा दिए हैं। जनपद के ग्रामीण अंचलों से नगर के मुकेरी बाजार स्थित खोवा मंडी में भी अब उतनी मात्रा में खोवा नहीं पहुंच रहा, जितना पहले पहुंचता था। उधर शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों में दूध सहित उससे बने खोवा, पनीर, छेना आदि की मांग चरम पर है, जिससे आम जनमानस को शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है।
विकास खंड जमालपुर के सेमरा गांव के पशुपालक पांचूराम पाल, धारा गांव के गणेश शंकर यादव, केशरिया गांव के लोरिक यादव और जमालपुर के मंगल सिंह पटेल आदि का कहना है कि प्रचंड गर्मी के चलते भूमिगत जलस्तर नीचे जाने के कारण हरे चारे की सिंचाई नहीं हो पाई। पशुओं का हरा चारा समाप्त हो गया, अब परेशानी हो रही है। नदी-नाले व तालाब सूखे हैं, इस कारण हरे चारे के बीजों की बुवाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते दूध के पैदावार में कमी आई है। पशुपालक मात्र पशु आहार के रूप में दूकानों से मिलने वाले खली-चूनी व भूंसी को अपने पशुओं को खिला रहे हैं, बावजूद इसके पर्याप्त मात्र में पशु दूध नहीं दे पा रहे हैं, जिसके चलते दूध के दाम को बढ़ाना मजबूरी हो गया है।