सिविल लाइन रोड पर मकान के पास से गुजरा बिजली का तार ।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जिले में विद्युत तारों से दुर्घटनाएं हो रही हैं लेकिन विभाग उदासीन बना हुआ है। स्थिति यह है कि कहीं आवासीय परिसर तो कहीं स्कूल भवन के ऊपर से तार गुजरे हैं। अधिकतर स्थानोें पर तार जर्जर हो चुके हैं। शिकायतों के बाद भी इन स्थानों से तार नहीं हटाए गए। स्थिति यह है कि दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
नगर के सुरेका पुरम स्थित सुरेश चंद्र पांडेय के आवासीय परिसर से विद्युत तार ले जाया गया है। यह तार भी उस समय उनके परिसर में से ले जाया गया था जब वह अपने घर में उपस्थित नहीं थे। घर में ताला बंद था। बाद में आने पर जब उन्होंने आपत्ति की, लिखित शिकायत दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उनके परिवार के लोगों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं।
नगर के सिटी कोतवाली के ठीक सामने स्थित परिषदीय विद्यालय के भवन के ऊपर से तार गुजरा है। इससे वहां का निर्माण भी बाधित है। शिक्षक व बच्चे इससे डरे हुए हैं लेकिन तार नहीं हटाया गया।
लालगंज: लालगंज बाजार के पीछे सेवानिवृत्त शिक्षक पन्नालाल के घर से सटकर फीडर का विद्युत तार गुजरा है जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी प्रकार जगदीशपुर में पं. आदित्यनाथ जूनियर हाई स्कूल से सटकर विद्युत का तार गुजरा है। चिरूईराम गंभीरापुर में बिजली के तार झूल रहे हैं। ग्रामीण लंबे समय से घर के ऊपर और सटकर गुजरे तारों को हटाने की मांग कर रहे हैं लेकिन विद्युत विभाग की ओर से तार नहीं हटाया गया है।
हलिया: क्षेत्र के अदवा कॉलोनी स्थित राजेश अग्रहरि और पंकज ओझा सहित दर्जनों घरों के ऊपर 11 हजार वोल्टेज के बिजली के तार जाने से खतरा बना हुआ है। इसके अलावा रतेह चौराहा बबुरा मार्ग पर दर्जनों दुकानों के ऊपर गुजरे 11 हजार बिजली के तार से हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की लेकिन आज तक बिजली के तार को नहीं हटवाया गया।
करंट लगन से बालिका समेत तीन की हो चुकी है मौत
मिर्जापुर। नगर के शहर कोतवाली क्षेत्र के पक्का पोखरा मोहल्ले में शनिवार को एक बालिका रुचिका तार के संपर्क में आने से करंट लगने से झुलस गई। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके पूर्व तरकापुर में ही कई वर्ष पूर्व तार की चपेट में आने से एक चाट विक्रेता की मौत हो गई थी। इसी प्रकार कुछ वर्ष पूर्व नगर के सिविल लाइन इलाके में एक महिला की मौत हो गई थी। वह भी तार की चपेट में आ गई थी। यह घटना भी दो-तीन वर्ष पुरानी है। इस तरह की घटनाओं से विद्युत विभाग सबक नहीं ले रहा है।