जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की हुई मौत के मामले में सीएमएस समेत चार डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से नाराज प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के लोगों ने मंगलवार से काली पट्टी बांधकर विरोध जताने की चेतावनी दी है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने कहा कि सीएमएस समेत चार डॉक्टरों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि न तो इस मामले में जांच पूरी हुई है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लापरवाही से मौत होने का मामला सामने आया है। चिकित्सकों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, फिर भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस तरह बिना जांच प्रक्रिया पूरी हुए चिकित्सक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज करना न्याय प्रक्रिया का उल्लंघन है। पूर्व में राजस्थान के एक महिला चिकित्सक के खिलाफ इसी तरह की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी वजह से तनाव में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से सभी चिकित्सक आहत हैं। चिकित्सकों में राजकीय कार्य के दौरान तनाव व डर का माहौल बना हुआ है।
संघ के सचिव डॉ. सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के दिन कुछ लोगों द्वारा तोड़फोड़ कर चिकित्सा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। पुलिस की तरफ से तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ पुलिस की इस निरंकुश रवैया का विरोध करता है। कहा कि सभी चिकित्सक बहुत ही विषम परिस्थिति में सेवा देते हैं। इसके बाद भी इस तरह से गंभीर धाराओं में मुकदमा करने से चिकित्सक आहत और तनावग्रस्त हैं। इसके विरोध में 12 जुलाई से सभी चिकित्सक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। उन्होंने पुलिस उच्चाधिकारियों से मांग की कि चिकित्सकों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस कर मारपीट व तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ ऊपर मुकदमा दर्ज किया जाय। उन्होंने चेतावनी दी कि जिला प्रशासन मांगें नहीं मानेगा तो चिकित्सक कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे।