मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। बैठक के दौरान डीएम के पूछने पर मड़िहान, लालगंज एवं चुनार खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसडीएम को ही नहीं पहचान पाए। इसपर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्य प्रणाली में सुधार लाते हुए सचेत रहने के लिए कहा। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की समीक्षा की।
विभाग की प्रगति से जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यों में सुधार लाकर प्रगति लाने का निर्देश दिया। कहा कि तहसीलों एवं नगरीय क्षेत्रों में बड़े दुकानदारों, होटलों, रेस्टोरेंट चेकिंग अभियान चलाकर प्रत्येक माह 50-50 सैंपल लिए जाएं। तहसीलवार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से उनके कार्यों के बारे में जिलाधिकारी ने जाना। उपस्थित अधिकारियों में तैनाती तहसील का उपजिलाधिकारी कौन है तो मड़िहान, लालगंज एवं चुनार खाद्य सुरक्षा अधिकारी न ही उप जिलाधिकारी को पहचान पाये और न ही उनका नाम बता पाये। जिलाधिकारी ने एक-एक उपजिलाधिकारी से उनका परिचय कराया तथा निर्देशित किया कि ईद के बाद तत्काल सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने उपजिलाधिकारी से तहसीलों में जाकर संपर्क करेंगे। तथा उप जिलाधिकारी उन्हें एक कक्ष तहसील में उपलब्ध कराएंगे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपजिलाधिकारी को अवगत कराने के बाद ही क्षेत्र में जाकर क्रियाशील रहेंगे। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुये कहा कि आगे से तहसीलों में इनकी उपस्थिति का निरीक्षण कराया जायेगा। कहा कि ठेला, खुमचा या फुटपाथ के छोटे दुकानदारों को अनावश्यक परेशान न किया जाय। प्राथमिक विद्यालयों में एमडीएम में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की सैंपलिंग के लिए कहा। बैठक में अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी राजीव सिंघल, उपजिलाधिकारी सदर चन्द्रभान सिंह, मड़िहान सिद्धार्थ यादव, चुनार नीरज पटेल, क्षेत्राधिकारी सदर शैलेन्द्र त्रिपाठी व अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।