विंध्याचल। क्षेत्र के अखाड़ा घाट पर छह दिन पूूर्व नाव हादसे में लापता पत्नी और बच्चों के मिलने की आस टूटने पर परिवारीजन सोमवार को अपने घर लौट गए।
बीते बुधवार को झारखंड और बिहार के बक्सर से आए जीजा-साले के परिवार के 11 सदस्य, वाहन चालक के साथ नाव से विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर पहुंचे थे। वहां से स्नान करने के लिए गंगा पार गए। नाव पर उनके साथ एक नाविक और फोटोग्राफर भी मौजूद था। वापस लौटते समय नाव गंगा में पलट गई। इससे सभी लोग गंगा नदी में गिर गए। स्थानीय मल्लाहों ने नाविक, फोटोग्राफर समेत आठ लोगों को बचाया। झारखंड और बक्सर से आए परिवार की तीन महिलाएं गुड़िया (28) पत्नी विकास, खुशबू (30) पत्नी राजेश, अनीशा (26) पत्नी दीपक, विकास के दो पुत्र सत्यम (5), शौर्य (3) और दीपक की दो माह की पुत्री, गंगा में लापता हो गई। इसमें सिर्फ एक बालक का शव बरामद हुआ। परिजन रविवार को सांकेतिक अंतिम संस्कार करने के बाद अपने घर के लिए रवान हो गए, पर उनके पुरोहित श्राद्ध कर्म करने वाले संतोष पांडे सुबह से लेकर शाम तक गंगा घाट पर डटे रहें। वे परिजनों को सूचना देते रहे। एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ ओर पीएससी के गोताखोरों द्वारा अखाड़ा घाट से लेकर फतहां तक नाव और डूबे लोगों की तलाश जारी रही। गोताखोरों की टीम घटना स्थल से लेकर फतहां तक जाल और काटा डाल के खोजबीन किया।
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गंगा घाट पर लापरवाही से स्थानीय लोगों में आक्रोश
विंध्याचल। नाव हादसे में जिला प्रशासन पर नाव संचालन और घाट पर व्यवस्था न होने को लेकर सवाल उठ रहा था कि सोमवार को गंगा घाट पर एक युवक की डूबने से मौत हो गई। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। विन्ध्याचल देवी धाम में प्रतिदिन भक्तो का आना लगा रहता है। जो गंगा स्नान के बाद मां का दर्शन करते है, लेकिन गंगा घाट पर आए दिन बड़ी घटना होने के बावजूद घाट पर बैरिकेडिंग नहीं कराई गई है। जिसके चलते दीवान घाट पर हनुमना मध्य प्रदेश का युवक गहरे पानी में जाने से डूब गया। अखाड़ा घाट, गुदारा घाट, बाबू घाट, परशुराम घाट, पक्का घाट, दीवान घाट पर प्रतिदिन श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए जाते है, लेकिन किसी घाट पर बैरिकेडिंग नहीं की गई है।