गुप्त नवरात्र की तृतीया तिथि पर शनिवार को विंध्य धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। काफी देर तक हुई बारिश के बीच हजारों की संख्या में मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने आदि शक्ति मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर मंगल कामना की।
मंदिर की छत पर जहां साधक विधि-विधान पूर्वक साधना करने में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर अष्टभुजा पहाड़ पर जगह जगह तंत्र मंत्र की साधना के लिए दूरदराज से आए साधकों का जमावड़ा लगा रहा। गुंबद और हवन कुंड की परिक्रमा के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। गंगा में डुबकी लगाने के बाद देवी दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धा भाव से मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करके घर परिवार में सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मां का दर्शन पूजन करने के बाद भक्तों ने देवी मंदिर परिसर में विराजमान मां काली, मां दुर्गा मां, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी व शीतला सहित पंचमुखी महादेव, दक्षिण मुखी हनुमान, राधा कृष्ण, बटुक भैरव और डाक भैरव मंदिरों में जाकर शीश झुकाया। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते जगह-जगह श्रद्धालुओं को गंदगी के कारण परेशानी उठानी पड़ी।