देवरी स्थित पहाड़ पर खनन स्थल की जांच करने पहुंची लखनऊ की टीम
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शासन के निर्देश पर लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम रविवार को क्षेत्र के देवरी मेें अवैध खनन के दौरान किए गए विस्फोट और उसमें मारे गए मजदूरों के मामले की जांच करने पहुंची। जांच के दौरान पाया कि इरशाद अहमद के नाम पर लीज सिर्फ प्रस्तावित थी लेकिन उसका पट्टा स्वीकृत नहीं है इसके बावजूद खनन हो रहा है।
इतना ही नहीं उसमें विस्फोट भी किया गया। जिसमे दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि पांच घायल हो गए। टीम के सदस्यों ने जिले में हो रहे अवैध खनन पर कड़ी नाराजगी जताया। कहा कि इसमें कई लोगों की मिलीभगत दिख रही है जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को देंगे।
म में भू विज्ञानी डा. राजेश कुमार, खनन अधिकारी एके सिंह व सर्वेक्षण अधिकारी आर.के. शर्मा शामिल हैं।
लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने पाया कि लीज अभी प्रस्तावित है। जितने क्षेत्रफल में लीज प्रस्तावित किया गया उससे कई गुना क्षेत्र में पहले से खनन चल रहा है। टीम ने कहा कि इस क्षेत्र में विस्फोट करने की अनुमति नहीं है। फिर किसकी अनुमति से विस्फोट के जरिए खनन हो रहे हैं।
म ने सर्वेयर राम सुरेश से लीज का नक्सा मांग कर देखा तो पाया कि वाराणसी के इरशाद अहमद के नाम पर लीज प्रस्तावित है लेकिन अभी तक पट्टे की स्वीकृत नहीं मिली है। मौके पर सैंकड़ों गड्ढे देखकर टीम के लोग आश्चर्य चकित रह गए। कहा कि जितना गड्ढा कर खनन किया गया इससे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व का फायदा होता जो नहीं हुआ है।